हनुमानगढ़। चैत्र मास के पावन अवसर पर मनाया जाने वाला गणगौर पर्व जिलेभर में श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक आस्था के साथ मनाया जा रहा है। गुरुवार को हनुमानगढ़ जंक्शन क्षेत्र में अशोक व्यास के निवास से पारंपरिक बिंदोरा बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ निकाला गया। इस दौरान महिलाओं और कन्याओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर उत्सव की रौनक बढ़ा दी। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने लोकगीत गाते हुए और नृत्य प्रस्तुत करते हुए पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।बिंदोरा यात्रा के दौरान सुहागिन महिलाओं और कुंवारी कन्याओं ने पारंपरिक गीत गाए तथा एक-दूसरे को मिठाइयां बांटकर पर्व की शुभकामनाएं दीं। ढोल-नगाड़ों और लोकगीतों की धुन पर निकली यह यात्रा क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बनी रही। बिंदोरा में शामिल महिलाओं ने सिर पर कलश और पूजन सामग्री लेकर गौर माता की स्तुति की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मौके पर विमला देवी और ललिता देवी ने बताया कि गणगौर हिंदू संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें गौर माता और भगवान शिव (ईशर) की पूजा-अर्चना की जाती है। यह पर्व होलिका दहन के अगले दिन से प्रारंभ होकर पूरे 16 दिनों तक श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दौरान सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं, जबकि कुंवारी कन्याएं अच्छे वर की प्राप्ति के लिए व्रत रखकर पूजन करती हैं।

गणगौर पर्व के दौरान महिलाएं प्रतिदिन गौर माता और ईशर की पूजा कर पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करती हैं। मान्यता है कि श्रद्धा और भक्ति के साथ किए गए पूजन से वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि और पारिवारिक खुशहाली आती है। इस पर्व का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व भी विशेष माना जाता है, क्योंकि इसके माध्यम से पारंपरिक लोकसंस्कृति और सामुदायिक एकता की झलक देखने को मिलती है। जानकारी के अनुसार शीतलाष्टमी से गौर माता की प्रतिमाएं बनाकर घर-घर बिंदोरा निकालने की परंपरा निभाई जाती है। इन दिनों मोहल्लों और गलियों में लोकगीतों की मधुर ध्वनि सुनाई देती है और महिलाएं पारंपरिक परिधान पहनकर उत्सव को यादगार बनाती हैं। गणगौर पर्व के समापन के अवसर पर 21 मार्च को ईशर-गौर की प्रतिमाओं का गाजे-बाजे के साथ पारंपरिक रूप से कुएं पर विसर्जन किया जाएगा। इसे लेकर महिलाओं और युवतियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। श्रद्धालु इस दिन विशेष पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली और समृद्धि की कामना करेंगे। इस अवसर पर शांतिदेवी, ज्योति देवी, सुनीता देवी, सीता देवी, तान्या, आरती, रेखा, पूजा और मानवी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और कन्याएं मौजूद रहीं। वहीं हनुमानगढ़ टाउन के गुड़ मंडी क्षेत्र में भी गणगौर पर्व के तहत बिंदोरा निकालकर पारंपरिक उत्सव मनाया गया, जिसमें स्थानीय महिलाओं और युवतियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। गणगौर पर्व के चलते इन दिनों शहर और आसपास के क्षेत्रों में उत्सव का माहौल बना हुआ है तथा लोकसंस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिल रही है।
