रावतसर। क्षेत्र में शनिवार सुबह एक ऐसी प्रेरणादायक घटना सामने आई, जिसने यह साबित कर दिया कि सच्ची दौलत पैसे से नहीं बल्कि अच्छे संस्कारों से होती है। आर्थिक रूप से साधारण परिवारों से आने वाले चार स्कूली बच्चों ने सड़क पर मिला करीब 15 से 20 हजार रुपये कीमत का मोबाइल फोन ईमानदारी के साथ उसके असली मालिक तक पहुंचाकर समाज के सामने एक मिसाल पेश की है। जानकारी के अनुसार चक 4 सीवाईएम के निवासी मदन सिंह सुड्डा शनिवार सुबह अपने खेत की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उन्हें 16 डीडब्ल्यूडी गांव से 4 सीवाईएम स्थित स्कूल में पढ़ने वाले चार बच्चे मिले। ये बच्चे रोजाना लगभग 4 से 5 किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाते हैं। आज भी वे उसी तरह अपने स्कूल के लिए निकले थे, लेकिन उनके हाथ में एक मोबाइल फोन था जो उन्हें रास्ते में पड़ा मिला था। बच्चों ने मदन सिंह को रोककर बड़ी सादगी और ईमानदारी से कहा, “अंकल, यह फोन हमें सड़क पर पड़ा मिला है। अगर यह किसी का है तो कृपया पता करके उसे वापस दे देना।” बच्चों की यह बात सुनकर मदन सिंह भी हैरान रह गए। साधारण परिवार से आने वाले इन बच्चों के सामने महंगा मोबाइल था, लेकिन उनके मन में जरा भी लालच नहीं आया। इन बच्चों में एक छोटा बच्चा भी शामिल था, जिसकी बात ने वहां मौजूद लोगों का दिल छू लिया। उसने मासूमियत से कहा, “अंकल, गलत धन पता नहीं आगे कितना नुकसान कर दे।” बच्चे की यह बात सुनकर हर कोई उनकी ईमानदारी और संस्कारों की सराहना करने लगा। बाद में जानकारी मिलने पर पता चला कि यह मोबाइल राणासर के पास गूंसाईसर गांव के एक व्यक्ति का था। जब उन्हें मोबाइल के बारे में जानकारी मिली तो वे दोपहर में गाड़ी लेकर स्कूल पहुंचे। स्कूल स्टाफ ने पूरी जिम्मेदारी और सम्मान के साथ मोबाइल फोन उन्हें वापस सौंप दिया। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि गाड़ी से सड़क पर गिरने के बावजूद मोबाइल पूरी तरह सुरक्षित था और उस पर एक खरोंच तक नहीं आई थी। मोबाइल मिलने पर उसके मालिक ने बच्चों की ईमानदारी की सराहना करते हुए उनका धन्यवाद भी किया। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भले ही ये बच्चे आर्थिक रूप से साधारण परिवारों से आते हों, लेकिन उनके दिल की अमीरी और ईमानदारी किसी भी बड़ी संपत्ति से कम नहीं है। बच्चों के माता-पिता और शिक्षकों द्वारा दिए गए अच्छे संस्कार ही उनकी इस सच्चाई और ईमानदारी की असली ताकत हैं। स्थानीय लोगों ने भी बच्चों की इस सराहनीय पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज के समय में जब छोटी-छोटी बातों पर ईमानदारी डगमगा जाती है, ऐसे में इन बच्चों ने समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया है। बच्चों, उनके माता-पिता और स्कूल स्टाफ की इस ईमानदार पहल को क्षेत्र में खूब सराहा जा रहा है।
संवाददाता- नरेश
