जयपुर। राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत और कांग्रेस नेता पायलट के बीच सियासी खींचतान चर्चा का विषय बन गई है। गहलोत द्वारा सचिन पायलट पर दिए गए तीखे बयान के बाद अब भारतीय जनता पार्टी के नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम भी इस विवाद में कूद पड़े हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गहलोत पर सीधा हमला बोलते हुए धृतराष्ट्र का उदाहरण दिया। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने एक्स पर लिखा कि “पुत्र मोह में धृतराष्ट्र मानसिक रूप से अंधा हो गया था। सत्ता के सिंहासन के स्वार्थ में आप इतना गिर जाओगे, यह कल्पना से भी परे है।” उनके इस बयान को गहलोत पर तीखा राजनीतिक हमला माना जा रहा है। दरअसल, रविवार को अशोक गहलोत ने सचिन पायलट पर निशाना साधते हुए वर्ष 2022 के राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि 25 सितंबर 2022 को हुई बगावत कांग्रेस हाईकमान के खिलाफ नहीं, बल्कि सचिन पायलट के मुख्यमंत्री बनने की संभावना के खिलाफ थी। गहलोत ने दावा किया कि यदि उन्होंने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत की होती तो उन्हें मुख्यमंत्री पद पर बनाए नहीं रखा जाता। गहलोत ने यह भी कहा कि सचिन पायलट ने अपनी राजनीतिक गलतियों को स्वीकार करना नहीं सीखा है। उनके अनुसार, यदि पायलट उनकी “फॉरगेट एंड फॉरगिव” की भावना को समझते तो मानेसर प्रकरण जैसे मुद्दे लंबे समय तक चर्चा में नहीं रहते। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव से जुड़े घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि एक बड़ी साजिश के कारण उन्हें बदनाम किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि उस समय बड़ी संख्या में विधायक सचिन पायलट के नेतृत्व को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं थे और यही कारण था कि वे उनके समर्थन में नहीं गए। गहलोत के इन बयानों के बाद राजस्थान कांग्रेस में एक बार फिर खेमेबंदी की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक सचिन पायलट या उनके समर्थक नेताओं की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब राजनीतिक गलियारों की नजर पायलट खेमे की प्रतिक्रिया पर टिकी है, जिससे इस विवाद की आगे की दिशा तय हो सकती है।
