हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय के अंतर्गत शिक्षा एवं विशेष शिक्षा विभाग तथा राष्ट्रीय सेवा योजना की छात्रा इकाई की ओर से शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती मनाई गई। इस मौके पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने दोनों महापुरुषों के जीवन, विचारों एवं राष्ट्र के प्रति योगदान पर अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने अपने भाषणों के माध्यम से सत्य, अहिंसा, सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा एवं राष्ट्रसेवा के विचारों को प्रस्तुत किया। श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री का जीवन आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। गांधी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र को नई दिशा दी, जबकि शास्त्री ने सादगी, ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा का आदर्श प्रस्तुत किया। उन्होंने विद्यार्थियों से दोनों महापुरुषों के विचारों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। विश्वविद्यालय के एमडी दिनेश कुमार जुनेजा ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। गांधी एवं शास्त्री के आदर्श विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनने तथा समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की प्रेरणा देते हैं। प्रो-चांसलर प्रो. डॉ. अमरजीत सिंह, अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं शिक्षा संकाय के अधिष्ठाता डॉ. विक्रम सिंह औलख, विशेष शिक्षा विभाग के अधिष्ठाता डॉ. सत्यनारायण नाई तथा राष्ट्रीय सेवा योजना छात्रा इकाई की समन्वयक डॉ. पुनिका भादू ने विद्यार्थियों को गांधी एवं शास्त्री के जीवन से प्रेरणा लेकर सत्य, अनुशासन, सेवा एवं राष्ट्रहित के मार्ग पर आगे बढ़ने का संदेश दिया। भाषण प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका नीलम चिलाना एवं प्रदीप चौहान ने निभाई। प्रतियोगिता में बीए-बीएड तृतीय वर्ष की हरमनप्रीत कौर ने प्रथम, डीएड स्पेशल की पूनम ने द्वितीय तथा नवज्योति मूक-बधिर विशेष विद्यालय की निशा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम का मंच संचालन मदन लाल शर्मा ने किया।
