हनुमानगढ़। राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत के सदस्यों ने उपशाखा अध्यक्ष दलीप सिंह के नेतृत्व में ग्रीष्मकालीन अवकाश में की गई कटौती के विरोध में अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्कूल शिक्षा के नाम एसीबीईओ हनुमानगढ़ को ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने भीषण गर्मी में विद्यालयों की मूलभूत समस्याओं के समाधान की भी मांग की। उपशाखा अध्यक्ष दलीप सिंह ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश में 10 दिन की कटौती और संस्था प्रधान के विवेकाधीन अवकाश में एक दिन की कमी करना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए जून माह में तापमान कई बार 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। ऐसी भीषण गर्मी में अधिकांश विद्यालयों में न तो पेयजल की समुचित व्यवस्था है और न ही विद्यार्थियों के बैठने के लिए पर्याप्त छाया अथवा ठंडक का प्रबंध है। इन परिस्थितियों में जून माह में विद्यालयों का संचालन विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है। शिक्षक संघ का कहना है कि अवकाश में कटौती के निर्णय से शिक्षकों में गहरा रोष है। उनका मानना है कि मानसिक रूप से असंतुष्ट शिक्षक विद्यार्थियों को पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ शिक्षित नहीं कर सकता। यदि शिक्षकों को सम्मानजनक वातावरण और पर्याप्त विश्राम मिले, तो वे शिक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने में बेहतर योगदान दे सकते हैं। ज्ञापन में ग्रीष्मकालीन अवकाश में की गई कटौती को तुरंत वापस लेकर पूर्ववत अवकाश व्यवस्था लागू करने, पोषाहार (एमडीएम) और ट्रांसपोर्ट वाउचर का लंबे समय से बकाया भुगतान जल्द करने, सभी विद्यालयों में पर्याप्त स्टाफ, बिजली-पानी और कक्षाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा विद्यालयों की स्वच्छता के लिए प्रत्येक स्कूल में नियमित सफाई कर्मचारी की नियुक्ति करने की मांग की गई। शिक्षक नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगा। इस दौरान वरिष्ठ शिक्षक नेता हजारीराम सिराव, बेगाराम गुडेसर, प्रदीप कुमार शर्मा, रविकांत चौधरी और जिला मंत्री रामनिवास सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
