ऐलनाबाद। पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण ने आमजन से साइबर अपराधियों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में जहां ऑनलाइन बैंकिंग और यूपीआई के माध्यम से लेन-देन आसान हुआ है, वहीं साइबर ठग भी नई-नई तकनीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। हाल ही में “जंप डिपोजिट” नामक एक नई साइबर ठगी सामने आई है, जिसके जरिए कुछ ही मिनटों में बैंक खाते की पूरी राशि निकाली जा सकती है। एसपी सहारण ने बताया कि इस स्कैम में साइबर अपराधी पहले पीड़ित के बैंक खाते में 1,000 से 2,000 रुपये जैसी छोटी राशि ट्रांसफर करते हैं। यह रकम वास्तव में खाते में जमा हो जाती है और संबंधित व्यक्ति को बैंक या यूपीआई ऐप के माध्यम से क्रेडिट का मैसेज या नोटिफिकेशन प्राप्त होता है। ठगी की असली प्रक्रिया इसके बाद शुरू होती है। जैसे ही व्यक्ति बैलेंस चेक करने के लिए प्राप्त मैसेज, नोटिफिकेशन या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करता है और यूपीआई पिन दर्ज करता है, उसी दौरान साइबर अपराधियों द्वारा पहले से तैयार ऑटोमैटिक सिस्टम के माध्यम से बड़ी राशि खाते से निकाल ली जाती है। कई मामलों में देखा गया है कि बैलेंस जांचते ही खाते की पूरी जमा राशि ट्रांसफर कर ली जाती है और बैलेंस शून्य हो जाता है। विशेष रूप से युवावर्ग इस तरह की साइबर ठगी का अधिक शिकार हो रहा है।
कैसे करें बचाव
पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों को निम्न सावधानियां बरतने की सलाह दी है—
- खाते में अचानक किसी अज्ञात स्रोत से राशि जमा होने पर तुरंत बैलेंस चेक न करें।
- फोन पर आए किसी भी टेक्स्ट मैसेज, नोटिफिकेशन या संदिग्ध लिंक पर कम से कम 15 से 20 मिनट तक क्लिक न करें।
- यदि बैलेंस जांचना आवश्यक हो तो सीधे आधिकारिक बैंकिंग या यूपीआई ऐप स्वयं खोलकर ही जांच करें।
- किसी भी अनजान लिंक के माध्यम से ऐप या वेबसाइट न खोलें।
- किसी के साथ भी ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी की घटना घटित होती है तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। समय पर सूचना देने से ठगी गई राशि को होल्ड या ब्लॉक करवाया जा सकता है। पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि सतर्कता और जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। किसी भी प्रकार के लालच, संदिग्ध संदेश या कॉल से सावधान रहें और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाएं।
