हनुमानगढ़। ग्राम चक 1 डीबीएलए, डबलीबास मौलवी में जोहड़ पायतन (सार्वजनिक उपयोग) की भूमि पर प्रस्तावित देशी मदिरा दुकान को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है। इस संबंध में गांव के लोगों ने जिला कलक्टर व जिला आबकारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर स्वीकृति निरस्त करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित भूमि सार्वजनिक उपयोग की श्रेणी में आती है, जहां किसी भी प्रकार की वाणिज्यिक गतिविधि करना नियमों के विरुद्ध है। इसके बावजूद आबकारी विभाग की ओर से यहां शराब दुकान की स्वीकृति देना नियमों की अवहेलना है। ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दुकान खोलने के लिए ग्राम पंचायत की अनिवार्य एनओसी भी प्राप्त नहीं की गई है और न ही भूमि आवंटन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज उपलब्ध है। साथ ही यह स्थान आबादी क्षेत्र और मुख्य मार्ग के पास स्थित है, जिससे सामाजिक माहौल और कानून व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि उन्होंने पहले भी इस संबंध में आपत्तियां दर्ज करवाई थीं, लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि प्रस्तावित स्थान उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय की ओर से निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि उक्त शराब दुकान की स्वीकृति को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए। साथ ही बिना एनओसी और नियमों की अनदेखी कर स्वीकृति देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने और न्यायालय की शरण लेने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
