हनुमानगढ़। कृषि भूमि को ठेके पर देने के नाम पर धोखाधड़ी कर फर्जी इकरारनामा तैयार कर जमीन हड़पने का मामला सामने आया है। पीलीबंगा थाना पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार 6 एचएलएम निवासी 44 वर्षीय महावीर पुत्र गोपीराम जाट ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि उसके हिस्से में आई चक 5 एचएलएम की करीब 2 बीघा 10 बिस्वा कृषि भूमि वह ठेके पर काश्त के लिए देता था। करीब दो वर्ष पूर्व गांव के ही विनोद कुमार ने उक्त भूमि दो साल के लिए 28 हजार रुपए प्रति बीघा के हिसाब से ठेके पर लेने की बात कही। प्रार्थी के अनुसार 20 मई 2024 को विनोद कुमार उसे पीलीबंगा ले गया, जहां उसके साथ राकेश कुमार व चेतराम भी थे। वहां प्रार्थी से 500 व 100 रुपए के स्टाम्प पेपर खरीदवाकर ठेकानामा लिखने के नाम पर हस्ताक्षर करवा लिए गए। प्रार्थी ने बताया कि उसने दस्तावेज पढ़े बिना ही भरोसे में आकर हस्ताक्षर कर दिए। अब हाल ही में विनोद कुमार ने प्रार्थी पर दबाव बनाते हुए उसकी अन्य कृषि भूमि की रजिस्ट्री करवाने की बात कही। विरोध करने पर आरोपियों ने बताया कि उन्होंने मिलकर ठेकानामा की जगह फर्जी इकरारनामा तैयार कर लिया है और उसी के आधार पर जमीन हड़पने की योजना बनाई है। रिपोर्ट के अनुसार आरोपियों ने कथित रूप से नोटेरी के माध्यम से कूटरचित दस्तावेज तैयार करवाए और प्रार्थी को धमकी दी कि यदि उसने विरोध किया तो उसके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया जाएगा। आरोपियों ने यह भी कहा कि उनकी ऊपर तक पहुंच है और वे कोर्ट के जरिए भी जमीन अपने नाम करवा सकते हैं। पीड़ित ने आरोप लगाया कि ठेके के नाम पर धोखाधड़ी कर उसकी जमीन हड़पने की साजिश रची गई है। पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। प्रकरण की जांच उपनिरीक्षक चैनदान को सौंपी गई है। पुलिस की ओर से दस्तावेजों की सत्यता, नोटेरी प्रक्रिया व आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
