हनुमानगढ़। टाउन स्थित राजकीय नेहरू मेमोरियल स्नातकोत्तर महाविद्यालय में गुरुवार को ‘विकसित भारत-जनसेवा अभियान’ के तहत ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के अंतर्गत ‘तनावमुक्त युवा-विकसित भारत’ विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. रामपाल अहरोदिया ने की। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में युवाओं और विद्यार्थियों के बीच मानसिक तनाव, अवसाद एवं परीक्षा के दबाव जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे में युवाओं को सही मार्गदर्शन देकर उनकी ऊर्जा को रचनात्मक कार्यांे की ओर मोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को मानसिक रूप से मजबूत, आत्मनिर्भर और समस्याओं का समाधान खोजने वाला बनाने में ऐसे व्याख्यान महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। महाविद्यालय छात्रों के सर्वांगीण विकास और उनके नए विचारों को मंच देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्य वक्ता छत्रसाल सिंह राघव ने कहा कि मानसिक तनाव और असफलता का डर व्यक्ति की प्रगति में बाधा बन सकता है। युवाओं को तनाव से निपटने के लिए अपने मन को नई खोज, रचनात्मक कार्य और नवाचार में लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब युवा समाज की किसी समस्या का समाधान खोजने में अपनी ऊर्जा लगाते हैं, तो सकारात्मक सोच विकसित होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहते हुए रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में डॉ. अर्चना गोदारा, किरण ढिल, भागवंती, ममता, पवनदीप कौर सहित संकाय सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई।
