हनुमानगढ़। आरजीएचएस योजना में इलाज व दवाइयां बंद होने के विरोध में अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ ने राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। महासंघ की महासमिति एवं जिलाध्यक्षों की संयुक्त बैठक जयपुर स्थित प्रधान कार्यालय में आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न चरणों में आंदोलन करने का निर्णय लिया गया। महासंघ के हनुमानगढ़ जिलाध्यक्ष चंद्रभान ज्यानी ने कहा कि आरजीएचएस योजना में इलाज बंद होना चिकित्सा विभाग की प्रशासनिक विफलता है, जिसके लिए चिकित्सा मंत्री जिम्मेदार हैं। उन्होंने बताया कि 25 मार्च से योजना में दवाइयां बंद हैं तथा 14 अप्रैल से सम्पूर्ण इलाज बंद होने के कारण प्रदेश के हजारों कर्मचारी परेशान हैं और अब तक करीब 300 करोड़ रुपए का खर्च कर्मचारियों को अपनी जेब से उठाना पड़ा है। सरकार की ओर से इस संवेदनशील मुद्दे पर एक माह से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जो कर्मचारियों के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए महासंघ ने आर-पार की लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है। आंदोलन के तहत सोमवार को मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा गया। इसके बाद 12 मई को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर चिकित्सा मंत्री का पुतला दहन किया जाएगा। वहीं 15 से 25 मई तक चिकित्सा मंत्री के प्रत्येक राजकीय दौरे का बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा तथा 28 मई को जयपुर में विरोध प्रदर्शन आयोजित होगा। महासमिति में यह भी निर्णय लिया गया कि 9 मई से शनिवार-रविवार एवं अन्य राजकीय अवकाश के दिनों में कर्मचारी कोई भी राजकीय कार्य नहीं करेंगे। महासंघ ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षांे से कर्मचारियों को अवकाश नहीं मिल पा रहा है और लगातार अतिरिक्त कार्यांे का दबाव डाला जा रहा है, जिससे उनके सामाजिक व निजी जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसके अलावा संगठनात्मक मजबूती के लिए 10 से 30 मई तक जिला एवं उपशाखाओं के चुनाव तथा 1 से 20 जून तक प्रदेशव्यापी कार्यशालाएं आयोजित करने का निर्णय भी लिया गया। बैठक में विभिन्न घटक संगठनों के प्रदेश पदाधिकारी एवं सभी जिलों के अध्यक्ष मौजूद रहे।
