रावतसर। पीएम श्री राउमावि रावतसर में शुक्रवार को प्रवेशोत्सव अभियान के अंतर्गत बाल वाटिका कक्ष लोकार्पण एवं प्रवेशोत्सव पोस्टर विमोचन का गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक धर्मेंद्र रहे। उनके करकमलों द्वारा विद्यालय में उपलब्ध शैक्षिक सुविधाओं, नवाचारों और उपलब्धियों को दर्शाने वाले प्रवेशोत्सव पोस्टर का विधिवत विमोचन किया गया तथा बाल वाटिका कक्ष का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यालय परिवार, अभिभावक, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

बाल वाटिका कक्ष के उद्घाटन को विद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्य अतिथि पूर्व विधायक धर्मेंद्र मोची ने अपने उद्बोधन में कहा कि किसी भी समाज की प्रगति का मूल आधार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा है। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों का नामांकन अधिक से अधिक सरकारी विद्यालयों में कराएँ, क्योंकि वर्तमान में सरकारी विद्यालयों में न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है, बल्कि आधुनिक आधारभूत सुविधाएँ, सुरक्षित वातावरण एवं सह-शैक्षिक गतिविधियाँ भी उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि बाल वाटिका जैसे नवाचार छोटे बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे बच्चों में प्रारम्भिक स्तर से ही सीखने की रुचि, आत्मविश्वास और रचनात्मकता का विकास होता है।

विद्यालय के प्रधानाचार्य सत्यदेव राठौड़ ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि पीएम श्री राउमावि रावतसर निरंतर शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार, नवाचारों को अपनाने तथा विद्यार्थियों की उपलब्धियों को बढ़ाने के लिए सतत प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रवेशोत्सव अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा पहुँचाना है। इसी लक्ष्य को लेकर विद्यालय परिवार द्वारा घर-घर संपर्क कर अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने अभिभावकों और समुदाय के सहयोग को विद्यालय की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए सभी से सहयोग की अपील की। उपप्रधानाचार्य सुरेश ने कहा कि विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए अनुकूल शैक्षिक वातावरण तैयार किया गया है। आधुनिक शिक्षण संसाधन, सह-शैक्षिक गतिविधियाँ और खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने समुदाय से विद्यालय की गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया।

उपप्रधानाचार्य रायसिंह ने अपने संबोधन में नामांकन वृद्धि को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि जब विद्यालय, अभिभावक और समाज एकजुट होकर प्रयास करते हैं, तभी शत-प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने बाल वाटिका की पहल को छोटे बच्चों के लिए सीखने की मजबूत नींव बताते हुए इसे भविष्य निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम में उपप्रधानाचार्य किरण निवाद, व्याख्याता अलका, नीता अग्रवाल, रमेश, दीपक, अनिल, दयावती सहित समस्त विद्यालय स्टाफ, अभिभावक एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। अंत में प्रधानाचार्य सत्यदेव राठौड़ एवं विद्यालय परिवार द्वारा सभी अतिथियों, अभिभावकों और उपस्थित जनसमुदाय का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का समापन सकारात्मक संदेश के साथ हुआ कि सामूहिक प्रयासों से शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त की जा सकती हैं।
