पीलीबंगा। पीलीबंगा में आयोजित वीएमपीएल-4 के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की एक सराहनीय पहल रविवार को देखने को मिली। इस टूर्नामेंट में प्रतिभागी टीम एमजी वारियर्स द्वारा प्रत्येक डॉट बॉल पर एक पौधा लगाने के संकल्प को मिशन ग्रीन संस्था के सहयोग से धरातल पर उतारा गया। कार्यक्रम के तहत रविवार को नई धान मंडी स्थित दोनों डिवाइडरों पर फलदार प्रजातियों के कुल 30 पौधे लगाए गए। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बढ़ाने और भावी पीढ़ी के लिए स्वच्छ वातावरण के संदेश को प्रमुखता से रखा गया। आयोजन ने यह सिद्ध किया कि खेल और सामाजिक सरोकार साथ-साथ चल सकते हैं। पौधारोपण कार्यक्रम में गीता भवन में पधारे स्वामी श्री श्री 1008 आत्मानंद पुरी जी महाराज ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि “प्रकृति की रक्षा करना केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि आध्यात्मिक कर्तव्य भी है। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक चेतना का संचार होता है।” उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का आह्वान किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक विनोद गोठवाल ने मिशन ग्रीन संस्था और वीएमपीएल आयोजन समिति की पहल की सराहना करते हुए कहा कि खेल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना अत्यंत प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक संस्था इसी प्रकार प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व निभाए तो आने वाले समय में क्षेत्र को हरित बनाने में बड़ी सफलता मिलेगी। कार्यक्रम में वीएमपीएल आयोजन समिति से हनी मरेजा, अशोक गोयल, लीलाधर सहारन एवं डॉ. उग्रसेन सिहाग उपस्थित रहे। वहीं एमजी वारियर्स टीम की ओर से जितेश गर्ग, नितेश गर्ग, विकास दीप मरेजा व जतिन बंसल ने सक्रिय सहभागिता निभाई। एमजी क्रिकेट क्लब से यश अरोड़ा, नरेश मित्तल, देवेंद्र मरेजा, सोनू सिंह, विश्व जोहरी, पंकज गर्ग, रवी गर्ग सहित अनेक खिलाड़ी मौजूद रहे। मिशन ग्रीन संस्था के संरक्षक मनोहर लाल बंसल, अध्यक्ष ओमवीर सिंह राघव, उपाध्यक्ष कमल कामरा, सचिव नितेश गर्ग एवं संस्था के सदस्यों ने पौधों की देखरेख और संरक्षण की जिम्मेदारी लेने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी वर्ग और स्थानीय नागरिकों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। अंत में आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार के अभियान जारी रहेंगे, ताकि खेल के साथ-साथ समाज में पर्यावरण संरक्षण की मजबूत संस्कृति विकसित की जा सके। कार्यक्रम ने पीलीबंगा को हरियाली की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ाया।
