पीलीबंगा। पीलीबंगा में आयोजित सात दिवसीय राम कथा के सातवें दिन श्रद्धा, भक्ति और सत्संग की महत्ता पर केंद्रित आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। कथा स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिन्होंने पूरे भाव-विभोर मन से कथा का श्रवण किया। वातावरण “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति-रस में डूबे नजर आए। कथा के दौरान श्री स्वामी आत्मानंद पुरी जी महाराज ने श्रद्धा और विश्वास को जीवन का आधार बताते हुए कहा कि भगवान की प्राप्ति का एकमात्र मार्ग अटूट श्रद्धा है। उन्होंने समझाया कि बिना विश्वास के न तो भक्ति स्थायी हो सकती है और न ही आत्मिक शांति की अनुभूति संभव है। स्वामी जी ने सत्संग की भूमिका पर विशेष बल देते हुए कहा कि संतों की संगति से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और व्यक्ति सद्गुणों की ओर अग्रसर होता है। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि संगति का प्रभाव मनुष्य के विचारों, आचरण और जीवन-दृष्टि पर पड़ता है। अच्छी संगति से जहां संस्कार और सदाचार का विकास होता है, वहीं कुसंगति जीवन को पतन की ओर ले जाती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को चाहिए कि वह विवेकपूर्वक अपनी संगति का चयन करे और सदैव सत्मार्ग पर चलने का प्रयास करे। स्वामी जी ने शास्त्रों का उल्लेख करते हुए बताया कि श्रद्धा और विश्वास के बिना न भक्ति फलित होती है और न ही ज्ञान की प्राप्ति संभव है। उन्होंने कहा कि भौतिक सुख क्षणिक होते हैं, जबकि भक्ति से मिलने वाला आनंद शाश्वत होता है। अतः मनुष्य को ईश्वर से सांसारिक इच्छाओं के स्थान पर भक्ति, सद्बुद्धि और सत्संग का ही वरदान मांगना चाहिए। उनके प्रवचनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आत्ममंथन के लिए प्रेरित किया और जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया। सातवें दिन के अवसर पर गीता भवन कमेटी की ओर से स्वामी आत्मानंद पुरी जी महाराज का शॉल ओढ़ाकर भव्य स्वागत किया गया। समिति के पदाधिकारियों ने उनके प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कथा आयोजन को समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायक बताया। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए आयोजकों ने बताया कि राम कथा के समापन अवसर पर कल सुबह 9 बजे हवन एवं पूर्णाहूति का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात भंडारा और कलश वितरण कार्यक्रम संपन्न होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के भाग लेने की संभावना है। पूरे आयोजन में कार्यक्रम प्रभारी अशोक सिंगला की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही। इस अवसर पर अनेक गणमान्य अतिथि एवं समाजसेवी उपस्थित रहे, जिनमें शंकर लाल सोनी (नोहर), प्रवीण कुमार (डूंगरगढ़), डॉ. विनोद कुमार (हनुमानगढ़), त्रिलोचन गिरधर, भारत भूषण बंसल, बजरंग लाल अग्रवाल, अशोक जिंदल, रमेश ग्रोवर (श्रीगंगानगर), राजकुमार चावला (जल सेवा) और राजीव (लाइट डेकोरेशन) प्रमुख रहे। साथ ही शिव शक्ति योग समिति के अध्यक्ष प्रदीप राठी, रामकुमार पारीक सहित समिति के अन्य पदाधिकारी और सदस्य भी मौजूद रहे। समग्र रूप से राम कथा का सातवां दिन भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा, जिसने श्रद्धालुओं के मन में धार्मिक चेतना को और अधिक प्रगाढ़ किया।
