हनुमानगढ़। विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस के मौके पर शुक्रवार को जंक्शन स्थित नवज्योति विशेष शिक्षा महाविद्यालय की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष की वैश्विक थीम ऑटिज्म और मानवता: हर जीवन मूल्यवान है के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य ऑटिज्म से ग्रसित व्यक्तियों के प्रति समाज में संवेदनशीलता और स्वीकार्यता बढ़ाना रहा। संस्थान की निदेशिका डॉ. पायल गुंबर ने अपने संबोधन में कहा कि ऑटिज्म कोई बीमारी नहीं, बल्कि दुनिया को देखने का एक अलग नजरिया है। हमें जागरूकता से आगे बढ़कर पूर्ण स्वीकार्यता की ओर बढ़ना होगा। संस्थान सचिव भीष्म कौशिक ने बताया कि ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों में अक्सर अद्भुत प्रतिभाएं, रचनात्मकता और विशेष क्षमताएं होती हैं, जो समाज को समृद्ध बनाती हैं। कार्यक्रम समन्वयक बिपिन कुमार ने कहा कि उचित शिक्षा और सहयोग के माध्यम से ऐसे विद्यार्थी भी समाज की मुख्यधारा में अपनी पहचान बना सकते हैं। विद्यार्थियों ने जागरूकता रैली और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से यह संदेश दिया कि विविधता ही हमारी शक्ति है। नीले रंग के प्रतीकों और पोस्टरों के जरिए ऑटिज्म से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया गया। इस आयोजन को सफल बनाने में संस्थान के शिक्षक मनीष पांडे, ममता तिवारी, नारायण दास पटेल, विभा शर्मा, पंकज बिश्नोई एवं पूजा सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही।
