हनुमानगढ़। राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के मौके पर बुधवार को टाइम्स आयुष कॉलेज की ओर से आयुर्वेद के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में कॉलेज के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं स्टाफ सदस्यों ने हिस्सा लिया। रैली के माध्यम से आमजन को आयुर्वेद के महत्व, प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति तथा स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया गया। रैली के दौरान विद्यार्थियों ने आयुर्वेद से संबंधित जागरूकता संदेश एवं नारे लगाते हुए लोगों को ‘आयुर्वेद अपनाएं, स्वस्थ जीवन पाएंÓ का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने दैनिक जीवन में आयुर्वेदिक जीवनशैली अपनाने, प्राकृतिक एवं संतुलित आहार लेने तथा स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए लोगों को प्रेरित किया। इस मौके पर टाइम्स एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सागरमल लड्ढा ने कहा कि आयुर्वेद केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जीने की भारतीय परंपरा है। युवा पीढ़ी को आयुर्वेद की वैज्ञानिक एवं पारंपरिक उपयोगिता से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों के जागरूकता प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करते हैं। डायरेक्टर गोपाल किशन लड्ढा ने कहा कि भारतीय संस्कृति और आयुर्वेद का संबंध सदियों पुराना है। समाज के प्रत्येक वर्ग तक आयुर्वेद के महत्व की जानकारी पहुंचाना और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करना सभी की जिम्मेदारी है। डायरेक्टर कपिल लड्ढा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि उस ज्ञान का उपयोग समाज के हित में करना भी है। आयुर्वेद के प्रति जागरूकता फैलाने में विद्यार्थियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। शिक्षा शास्त्री कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. रामप्रताप जांगू ने कहा कि ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। विद्यालय की प्रधानाचार्या नेहा शर्मा ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बचपन से ही विकसित करना आवश्यक है। फार्मेसी कॉलेज के प्रधानाचार्य अश्वनी शर्मा ने आयुर्वेदिक औषधियों के महत्व और उनके उचित उपयोग के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। आयुष कॉलेज की मैनेजर डॉ. आंचल कामरा ने कहा कि आयुर्वेद की जानकारी को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर ऐसे प्रयास किए जाने चाहिए। रैली में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लेते हुए आयुर्वेद के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
