संगरिया। मृतक की कथित फर्जी वसीयत तैयार कर कृषि भूमि अपने नाम करवाने के प्रयास का मामला सामने आया है। इस संबंध में न्यायालय के आदेश पर संगरिया थाना पुलिस ने दो भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार 8 केडब्ल्यूएसएन तहसील घड़साना जिला श्रीगंगानगर निवासी श्योकरण (81) पुत्र हनुमानदास ने परिवाद प्रस्तुत कर बताया कि उसके पिता हनुमानदास पुत्र बिशनदास निवासी भाखरांवाली की मृत्यु 7 मई 2001 को हो चुकी है। पिता की कृषि भूमि चक 1 एएमपी बी में दर्ज है, जिसका कुछ हिस्सा वारिसों के नाम नामांतरण हो चुका है, जबकि शेष भूमि अभी भी उनके पिता के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है। परिवादी का आरोप है कि उसके भाई जगमोहन ने उप तहसील कार्यालय ढाबां में एक वसीयत के आधार पर उक्त भूमि अपने नाम करवाने के लिए आवेदन किया। जब परिवादी ने दस्तावेजों की जांच की तो पता चला कि प्रस्तुत वसीयत की निष्पादन और नोटरी प्रमाणन की तारीख 6 जून 2001 दर्शाई गई है, जबकि उनके पिता की मृत्यु इससे पहले 7 मई 2001 को हो चुकी थी। परिवादी का कहना है कि यह वसीयत पूरी तरह से कूटरचित (फर्जी) है और उसके भाई जगमोहन तथा संतराम ने मिलकर साजिश के तहत इसे तैयार कर उप तहसीलदार के समक्ष पेश किया है। आरोप है कि संतराम ने भी नामांतरण के समर्थन में शपथ पत्र दिया, जबकि उसे वास्तविक स्थिति की जानकारी थी। पुलिस ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, संगरिया के आदेश पर बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच उप निरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद को सौंपी गई है।
