जयपुर। राजस्थान की सियासत में बयानबाजी को लेकर विवाद तेज हो गया है। मदन राठौड़ ने सांसद हनुमान बेनीवाल के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मंत्रिमंडल को लेकर दिए गए बयान पर तीखा पलटवार किया है। मदन राठौड़ ने कहा कि आजकल राजनीति में नेताओं की भाषा बेहद घटिया होती जा रही है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों के लिए जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया है, उसे जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। राठौड़ ने कहा, “विरोध करना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन शब्दों का चयन मर्यादित होना चाहिए। मुख्यमंत्री के लिए ‘मूर्खाधिराज’ और मंत्रिमंडल को ‘मूर्खों का मंत्रिमंडल’ कहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जनता ऐसे नेताओं को सबक सिखाएगी।” उन्होंने मीडिया से भी अपील करते हुए कहा कि इस तरह की भाषा का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए, तभी राजनीति शुद्धिकरण की ओर बढ़ेगी। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने आगे कहा कि हल्के स्तर की बयानबाजी से सोशल मीडिया पर टीआरपी भले हासिल करने की कोशिश की जाए, लेकिन इससे नेताओं की प्रतिष्ठा धूमिल होती है। उन्होंने कहा कि जनता पहले भी सबक सिखा चुकी है और आगे भी सिखाएगी। दरअसल, बुधवार को भैराणा धाम में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को “मूर्खाधिराज” और उनकी कैबिनेट को “मूर्खों की कैबिनेट” कहा था। बेनीवाल ने कहा था कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी साधु-संतों के सानिध्य में मुख्यमंत्री को यह उपाधि दे रही है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी किसी “सेटिंग” की राजनीति नहीं करेगी और यह लड़ाई आर-पार की होगी।
