हनुमानगढ़। श्रीदेवी वूमेन पॉलिटेक्निक कॉलेज ने एक बार फिर शैक्षणिक उत्कृष्टता का परिचय देते हुए बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन, राजस्थान (बीटीईआर) की नॉन-इंजीनियरिंग परीक्षाओं में 100 प्रतिशत परीक्षा परिणाम दर्ज किया है। संस्थान की सभी छात्राओं ने सफलता प्राप्त करते हुए उत्कृष्ट अंक हासिल किए, जिससे कॉलेज में खुशी का माहौल है। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद बुधवार को संस्थान परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहा। छात्राओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई और अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों के मार्गदर्शन, आधुनिक संसाधनों, उत्कृष्ट प्रायोगिक प्रशिक्षण और संस्थान की बेहतर शिक्षण व्यवस्था को दिया। संस्थान के शैक्षणिक निदेशक आनंद जैन ने बताया कि प्रथम वर्ष में नताशा ने 9.90 सीजीपीए के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रियंका ने 9.86 सीजीपीए हासिल कर द्वितीय तथा अमनदीप ने 9.50 सीजीपीए के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया। द्वितीय वर्ष में नवजोत और राधिका ने 10.00 सीजीपीए प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वहीं अशमनदीप ने 9.84 सीजीपीए अर्जित कर तीसरा स्थान हासिल किया। अंतिम वर्ष में हर्षदीप ने 9.88 सीजीपीए के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। अमनदीप ने 9.87 सीजीपीए के साथ द्वितीय तथा खुशी ने 9.86 सीजीपीए के साथ तृतीय स्थान प्राप्त कर संस्थान का गौरव बढ़ाया। शैक्षणिक निदेशक आनंद जैन ने इस सफलता का श्रेय छात्राओं की मेहनत, अनुशासित अध्ययन, नियमित अभ्यास और शिक्षकों के समर्पित मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने मोनिका चावला, ज्योति पंवार, नवजोत कौर, लवप्रीत और हरमन के उत्कृष्ट शिक्षण एवं निरंतर मार्गदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि टीमवर्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही संस्थान की सफलता की सबसे बड़ी ताकत है। संस्थान की प्राचार्य इंजीनियर दिव्या शर्मा ने सभी सफल छात्राओं और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि संस्थान की गुणवत्ता आधारित शिक्षा, अनुशासित वातावरण और छात्रा-केंद्रित शिक्षण प्रणाली का परिणाम है। विभागाध्यक्ष मोनिका चावला ने विश्वास व्यक्त किया कि छात्राएं भविष्य में भी इसी समर्पण और आत्मविश्वास के साथ अपने व्यावसायिक जीवन में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगी। संस्थान प्रबंधन ने कहा कि श्रीदेवी वूमेन पॉलिटेक्निक लगातार उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों के माध्यम से यह साबित कर रहा है कि गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा, अनुभवी संकाय और व्यावहारिक प्रशिक्षण के समन्वय से छात्राओं को आत्मनिर्भर, कुशल और सफल पेशेवर बनाया जा सकता है।
