हनुमानगढ़। रामनवमी के पावन अवसर पर भद्रकाली मेले में तत्वज्ञान की अनमोल पुस्तकों का वितरण किया गया, जो श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। संतों की वाणी “कबीर, मेले ठेले जाईयो, मेले बड़े मिलाप, पत्थर पानी पूजकर कोई साधु संत मिल जात” को चरितार्थ करते हुए इस आयोजन ने अध्यात्म और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं को जीवन को सही दिशा देने वाली पुस्तकें—जीने की राह, ज्ञान गंगा, गीता तेरा ज्ञान अमृत और अंध श्रद्धा भक्ति खतरा ए जान—निःशुल्क वितरित की गईं। इन पुस्तकों के माध्यम से न केवल आध्यात्मिक ज्ञान का प्रसार किया गया, बल्कि नशा, अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने का संदेश भी दिया गया। इस अवसर पर संत रामपाल के अनुयायियों ने बताया कि वर्तमान समय में विश्व अशांति और तनाव से गुजर रहा है। ऐसे में मानवता को मानसिक शांति और सही मार्गदर्शन की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने जानकारी दी कि विश्व शांति के लिए 1, 2 और 3 मई को संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में विशेष महाअनुष्ठान आयोजित किया जाएगा। श्रद्धालुओं ने इन पुस्तकों को प्राप्त कर संत रामपाल जी महाराज के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इस प्रकार के प्रयास समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
