हनुमानगढ़। सामाजिक समरसता न्याय मंच के बैनर तले मूल ओबीसी समाज के नागरिकों ने शनिवार को जंक्शन स्थित सैन धर्मशाला में महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती मनाई। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गांे के नागरिकों ने हिस्सा लेकर महात्मा फुले के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष रामप्रताप भाट ने संबोधित करते हुए कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले ने समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव और कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने शिक्षा को समाज सुधार का सबसे बड़ा माध्यम बताया और महिलाओं व पिछड़े वर्गां के उत्थान के लिए ऐतिहासिक कार्य किए। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं और समाज को एकजुट रखने की प्रेरणा देते हैं। हमें महात्मा फुले के सिद्धांतों को अपनाकर समाज में समानता, शिक्षा और भाईचारे को बढ़ावा देना चाहिए। समाज के लोगों को संगठित होकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना होगा, तभी एक सशक्त और समरस समाज का निर्माण संभव है।

अन्य वक्ताओं ने महात्मा फुले के जीवन और उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने सामाजिक न्याय और समानता के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। उनकी ओर से शुरू किए गए शिक्षा आंदोलन ने समाज के वंचित वर्गां को नई दिशा दी। इस दौरान मौजूद नागरिकों ने एकजुटता का संदेश देते हुए समाज में फैली कुरीतियों को समाप्त करने और शिक्षा को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। इस मौके पर दुर्गादत्त सैनी, कृष्णलाल गहलोत, विजय भाट, बनवारीलाल पंवार, राजेन्द्र, चन्द्रपाल, सोहनलाल, मुकेश भार्गव, बलदेव सिंह, अनंतराम, रामकृष्ण माहर, हरकमल सिंह, चरणजीत डाल, बलवीर सिंह, विजय टाक, जसवंत कुमार, बनवारी लाल, दुर्गादत्त तंवर, देवीलाल सैनी, ताराचंद, शंकर तेनगरिया, अमित, राधेराम सुथार, महेन्द्र सैनी, मुरलीधर सोनी, राजपाल ढुंढाड़ा, ओमप्रकाश सैन, सुरेन्द्र जलंधरा, राधेश्याम टाक, ज्ञानचंद, प्रेम कुमार मौजूद थे।
