चारणवासी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को काले झंडे दिखाने के ऐलान के बाद प्रशासन ने माकपा नेता व अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष मंगेज चौधरी को रविवार को टिब्बी में गिरफ्तार कर लिया। करीब छह घंटे तक थाने में रखने के बाद मुख्यमंत्री के कार्यक्रम समाप्त होने पर उन्हें रिहा कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, नेठराना के अभिषेक शर्मा और नोहर के गौतम शर्मा को न्याय नहीं मिलने के विरोध में मंगेज चौधरी ने मुख्यमंत्री को हनुमानगढ़ दौरे के दौरान काले झंडे दिखाने की घोषणा की थी। इसके बाद प्रशासन सतर्क हो गया। शनिवार को नोहर एसडीएम राहुल श्रीवास्तव ने चौधरी को नोटिस जारी किया था, जिसके बाद पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई। रविवार सुबह पुलिस ने चौधरी की गिरफ्तारी के लिए उनके निवास और चक 16 जेएसएन में घेराबंदी की, लेकिन वे पुलिस को चकमा देकर समर्थकों के साथ करीब 65 किलोमीटर दूर टिब्बी पहुंच गए। बाद में सूचना मिलने पर संगरिया डीवाईएसपी रमेश माचरा के नेतृत्व में तीन थाना प्रभारियों सहित भारी पुलिस बल ने टिब्बी से निकलते समय उनके काफिले को रोककर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मंगेज चौधरी को करीब छह घंटे तक टिब्बी थाने में रखा। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम समाप्त होने के बाद शाम करीब पांच बजे उन्हें रिहा कर दिया गया। उनकी गिरफ्तारी पूरे दिन क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। रिहाई के बाद मंगेज चौधरी ने सरकार और प्रशासन को चुनौती देते हुए कहा कि वे ऐसे नोटिसों या गिरफ्तारी से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि नोहर के गौतम शर्मा और नेठराना के मासूम अभिषेक के हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो वे एक बार नहीं, बल्कि हजार बार भी शांति भंग के आरोप में गिरफ्तारी देने को तैयार हैं। चौधरी ने कहा कि वे जनता के हक की लड़ाई लड़ते हुए पहले भी दर्जनों मुकदमों का सामना कर चुके हैं।
