जयपुर। राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के डॉ. सतीश पूनिया और डॉ. अलका गुर्जर तथा कांग्रेस के नीरज डांगी का निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय माना जा रहा है। राज्यसभा चुनाव के लिए केवल तीन उम्मीदवारों ने ही नामांकन दाखिल किया है, जबकि रिक्त सीटों की संख्या भी तीन है। ऐसे में मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और 11 जून को तीनों उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचित होने की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। सोमवार को नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन भाजपा प्रत्याशी डॉ. सतीश पूनिया और डॉ. अलका गुर्जर ने अपना नामांकन पत्र जमा कराया। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार नीरज डांगी पहले ही शुक्रवार को नामांकन दाखिल कर चुके थे। नाम वापसी की अंतिम तिथि 11 जून निर्धारित है। भाजपा ने सतीश पूनिया और अलका गुर्जर को उम्मीदवार बनाकर राजस्थान के दो प्रभावशाली सामाजिक वर्गों—जाट और गुर्जर समुदाय—को राजनीतिक संदेश देने का प्रयास किया है। दोनों नेता लंबे समय से संगठन से जुड़े रहे हैं और विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन कर चुके हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस ने सांसद नीरज डांगी पर लगातार दूसरी बार भरोसा जताया है। माना जा रहा है कि डांगी को पुनः उम्मीदवार बनाकर पार्टी ने अपने पारंपरिक दलित वोट बैंक के साथ-साथ आंतरिक राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश की है। भाजपा प्रत्याशियों के नामांकन से पूर्व प्रदेश भाजपा कार्यालय में अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, भजनलाल शर्मा, अरुण चतुर्वेदी तथा गजेंद्र सिंह शेखावत सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। समारोह के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दोनों प्रत्याशियों को अपने साथ विधानसभा लेकर पहुंचे। विधायक दल की बैठक में उन्होंने कहा कि डॉ. सतीश पूनिया और डॉ. अलका गुर्जर के अनुभव का लाभ अब प्रदेश के साथ-साथ देश को भी मिलेगा तथा उनका राज्यसभा पहुंचना राजस्थान के लिए गौरव की बात है। नामांकन के बाद डॉ. सतीश पूनिया ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा ने एक साधारण कार्यकर्ता पर विश्वास जताकर उसे देश के सर्वोच्च सदन में जाने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में पहुंचने के बाद वे राजस्थान के हितों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और विकास से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे। वहीं डॉ. अलका गुर्जर ने कहा कि भाजपा ने हमेशा गुर्जर समाज और वंचित वर्गों के हितों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि संसद के उच्च सदन में वे पार्टी की विचारधारा और संगठनात्मक मूल्यों के अनुरूप प्रभावी भूमिका निभाने का प्रयास करेंगी। साथ ही महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का संकल्प भी व्यक्त किया। राज्यसभा की तीनों सीटों पर केवल तीन उम्मीदवारों के मैदान में रहने से चुनाव निर्विरोध होने की स्थिति बन गई है और अब 11 जून को इसकी औपचारिक घोषणा होना शेष है।
