चारणवासी। हरियाणा की शेरावांली नहर के रविवार सुबह टूट जाने के बाद सिंचाई व्यवस्था में अस्थायी बदलाव करते हुए नोहर फीडर में पानी की आवक बढ़ा दी गई है। नहराना हेड से नोहर फीडर में पहले जहां 120 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया जा रहा था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 150 क्यूसेक कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार नहराना हेड से नोहर फीडर के साथ हरियाणा की 230 क्यूसेक क्षमता वाली शेरावांली नहर तथा कुतियाना–बरवाली नहर भी निकलती है। रविवार सुबह तक शेरावांली नहर में 230 क्यूसेक और नोहर फीडर में 120 क्यूसेक पानी चल रहा था। इसी दौरान शेरावांली नहर टूट जाने के बाद बंद पड़ी बरवाली नहर को खोल दिया गया और नोहर फीडर में पानी की मात्रा बढ़ाकर 150 क्यूसेक कर दी गई। नहराना हेड से निकलकर नोहर फीडर के समानांतर चार सीपी हेड तक हरियाणा की बरवाली नहर जाती है, जिसमें नोहर फीडर का लगभग 106 क्यूसेक पानी का हिस्सा है। अधिकारियों के अनुसार चार सीपी हेड तक पानी पहुंचने के बाद कुछ अतिरिक्त क्यूसेक पानी नोहर फीडर को भी मिल सकता है, जिससे पानी की आवक और बढ़ने की संभावना है। सिरसा के सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शेरावांली नहर की मरम्मत पूरी होने तक नोहर फीडर में पानी की आवक इसी तरह बढ़ी रहेगी। वहीं 10 से 18 मार्च के रेगुलेशन के तहत प्रथम वरीयता की जसाना वितरिका को पूरी तरह फीड किया जा रहा है। 13 मार्च तक आए पानी का विभिन्न वाटर वर्क्स में भंडारण भी करवाया गया था, जिसके चलते 10 से 14 मार्च की सुबह तक जसाना वितरिका क्षेत्र के किसानों की बारियां प्रभावित हुईं। अब पानी की मात्रा बढ़ने से किसानों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
