श्रीगंगानगर। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में सोमवार को लगातार दूसरे दिन ड्रग्स की बड़ी खेप बरामद हुई है। सीमा के पास एक खेत में तीन पैकेट में करीब डेढ़ किलो हेरोइन मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 7 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। सूचना मिलते ही बीएसएफ और स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह खेप पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा में गिराई गई है। सुरक्षा एजेंसियां ड्रोन गतिविधियों के एंगल से मामले की जांच कर रही हैं और आसपास के इलाकों में भी गहन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इससे एक दिन पहले रविवार को भी करणपुर बॉर्डर क्षेत्र में बीएसएफ और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए करीब 12 किलो हेरोइन जब्त की थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उस खेप की कीमत करीब 60 करोड़ रुपए बताई गई थी।

उस मामले में पुलिस ने चार तस्करों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ शुरू की थी। लगातार दो दिनों में ड्रग्स की बड़ी खेप मिलने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। सीमा पर निगरानी और चौकसी बढ़ा दी गई है। बीएसएफ ने ड्रोन रोधी सतर्कता को भी और मजबूत किया है ताकि सीमा पार से होने वाली तस्करी पर रोक लगाई जा सके। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस तस्करी के पीछे कौन-सा नेटवर्क सक्रिय है और ड्रोन के जरिए ड्रग्स भेजने की साजिश किस स्तर पर रची जा रही है। गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ के आधार पर कई अहम सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है। वहीं प्रशासन ने सीमा से सटे गांवों के किसानों और ग्रामीणों से भी सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि अगर खेतों या आसपास के क्षेत्रों में कोई संदिग्ध पैकेट, ड्रोन का मलबा या कोई अन्य वस्तु दिखाई दे तो तुरंत पुलिस या बीएसएफ को सूचना दें। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सीमा पार से ड्रोन के जरिए ड्रग्स तस्करी की घटनाएं हाल के समय में बढ़ी हैं, इसलिए इस तरह की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और तस्करी के पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने के लिए जांच तेज कर दी गई है।
