संगरिया। संगरिया नगरपालिका द्वारा हाल ही में जारी की गई निविदा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। निविदा संख्या 8387 (दिनांक 23 मार्च 2026) को लेकर सामाजिक संस्था संगरिया जागृति संस्था के अध्यक्ष एवं समाजसेवी अमरनाथ पेंटर ने प्रक्रिया में अनियमितताओं और अपारदर्शिता के आरोप लगाए हैं। उन्होंने पूरी टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर नए सिरे से पारदर्शी तरीके से निविदाएं जारी करने की मांग की है। शिकायत के अनुसार कार्य संख्या 1 से 14 तक के लिए जारी निविदाओं को 1 अप्रैल 2026 को उपखंड अधिकारी की उपस्थिति में खोला गया था। आरोप है कि निविदाएं खोलने के बाद उनका विस्तृत विवरण तैयार नहीं किया गया और न ही तकनीकी व वित्तीय दरों (एल-1) के आधार पर कोई सूची बनाई गई। नियमानुसार निविदा खोलते समय प्राप्त दरों को सार्वजनिक कर तुलनात्मक चार्ट तैयार किया जाना चाहिए, लेकिन इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। अमरनाथ पेंटर का कहना है कि निविदाओं की दरें तय न होने और सूची सार्वजनिक न किए जाने से उनमें हेरफेर की आशंका पैदा हो गई है। उन्होंने आशंका जताई कि इससे कुछ चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए दरों में बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने मांग की है कि पूरी निविदा प्रक्रिया किसी अन्य विभागीय प्रतिनिधि की निगरानी में कराई जाए, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा निविदा की शर्तों में जीएसटी नंबर, पंजीकरण आदेश, आधार और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज अनिवार्य किए गए थे। आरोप है कि अधिकांश निविदादाताओं ने ये दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए, फिर भी उन्हें प्रक्रिया में शामिल रखा गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि कार्य संख्या 1 से 14 श्रम आधारित कार्य हैं और 20 लाख रुपए तक के कार्यों में जीएसटी की अनिवार्यता व्यवहारिक नहीं है। ऐसे में इस प्रकार की शर्तें लगाना भी सवालों के घेरे में है। वहीं कार्य संख्या 14 को बिना किसी पूर्व सूचना के निरस्त किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद अब यह देखना होगा कि प्रशासन इन आरोपों पर क्या संज्ञान लेता है और टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
