-करीब दो दर्जन आपराधिक मामलों में दर्ज हैं प्रकरण, पुलिस-नगरपालिका की संयुक्त कार्रवाई
संगरिया। जिले में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत संगरिया कस्बे में पुलिस और नगरपालिका ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन कुख्यात नशा तस्करों के रिहायशी मकानों पर किए गए अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अमला और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा तथा मकानों की पैमाइश कर अवैध हिस्सों को जेसीबी की मदद से हटाया गया। पुलिस के अनुसार जिन तीन आरोपियों के मकानों पर कार्रवाई की गई, उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, लूट, चोरी, मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में करीब दो दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय जयपुर और बीकानेर रेंज के निर्देशानुसार जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।

जिला पुलिस अधीक्षक हरी शंकर ने बताया कि जिले में नशा तस्करी, अवैध मादक पदार्थों के कारोबार, अवैध हथियारों, जुआ-सट्टा और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी अभियान के तहत संगरिया में तीन नशा तस्करों के मकानों पर अवैध अतिक्रमण को चिन्हित कर कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस थाना संगरिया के थानाधिकारी अमर सिंह ने किया। पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद बिश्नोई और संगरिया वृताधिकारी रमेश माचरा के निकटतम सुपरविजन में संपन्न हुई। इस दौरान नगरपालिका संगरिया के अधिशासी अधिकारी पवन कुमार भी मौके पर उपस्थित रहे और नगरपालिका टीम ने तकनीकी प्रक्रिया पूरी करते हुए अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार संगरिया के वार्ड नंबर 1 निवासी नशा तस्कर गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी, दीप सिंह उर्फ दीपा और रमेश नायक ने अपने रिहायशी मकानों पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण कर रखा था। नगरपालिका की ओर से इन तीनों को पहले सात दिन का नोटिस जारी कर संबंधित दस्तावेज और स्वीकृत नक्शा पेश करने के लिए कहा गया था। नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद भी आरोपियों की ओर से कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। इसके बाद नगरपालिका और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर मकानों की पैमाइश करवाई और अवैध हिस्सों को चिन्हित कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। प्रशासन की मौजूदगी में जेसीबी मशीन की सहायता से अवैध अतिक्रमण को हटाया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दीप सिंह उर्फ दीपा पुत्र महेंद्र सिंह निवासी वार्ड नंबर 1 संगरिया के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट और मारपीट सहित चार मामले दर्ज हैं।

वहीं गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी पुत्र राजसिंह निवासी वार्ड नंबर 1 संगरिया के खिलाफ भी नशा तस्करी से जुड़े कई प्रकरण दर्ज हैं। इसके अलावा तीसरे आरोपी रमेश नायक के खिलाफ भी विभिन्न आपराधिक धाराओं में मामले दर्ज बताए गए हैं। जिला पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हनुमानगढ़ पुलिस पिछले दो वर्षों से नशा तस्करों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में अब तक दो नशा तस्करों द्वारा नशा तस्करी से अर्जित करोड़ों रुपये की संपत्ति को एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत फ्रीज किया जा चुका है। साथ ही आधा दर्जन से अधिक नशा तस्करों के मकानों पर किए गए अवैध अतिक्रमण को भी ध्वस्त किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य जिले में नशा तस्करी की जड़ को खत्म करना है।

इसके लिए केवल गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर नशे से अर्जित अवैध संपत्तियों पर भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है, ताकि अपराधियों को आर्थिक रूप से भी कमजोर किया जा सके और समाज में स्पष्ट संदेश जाए कि नशे के कारोबार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसपी हरी शंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में नशा तस्करों, अवैध हथियार रखने वालों और अन्य संगठित अपराधों में लिप्त व्यक्तियों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस और प्रशासन मिलकर ऐसे अपराधियों की संपत्तियों की जांच कर रहे हैं और जहां भी अवैध निर्माण या अतिक्रमण पाया जाएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। वहीं स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए इसे नशे के खिलाफ सख्त कदम बताया।
