हनुमानगढ़। शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने की दिशा में संस्कार कॉलेज फॉर हायर एज्युकेशन ने इस सत्र से एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित अपने नए भवन में शुरू हुए इस महाविद्यालय ने न केवल स्नातक, बल्कि अब स्नातकोत्तर स्तर पर भी शिक्षा के नए अवसर विद्यार्थियों के लिए खोल दिए हैं। प्रिंसिपल डॉ. राजेश वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि अबोहर-श्रीगंगानगर बाइपास रोड स्थित महाविद्यालय में इस सत्र से पढ़ाई का कार्य पूर्ण रूप से नवीन भवन में प्रारंभ हो चुका है। कॉलेज में बीएससी एवं बीए के अंतर्गत लगभग सभी प्रमुख विषयों की पढ़ाई करवाई जा रही है। इनमें पंजाबी साहित्य, हिंदी साहित्य, अंग्रेजी साहित्य, राजनीति विज्ञान, इतिहास तथा कंप्यूटर साइंस जैसे विषय शामिल हैं। उन्होंने बताया कि बीएससी पाठ्यक्रम के अंतर्गत मेडिकल एवं नॉन-मेडिकल दोनों वर्गों के विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर विषय की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है, जो वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगी। डॉ. वर्मा ने कहा कि इस वर्ष महाविद्यालय को स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर पर भी मान्यता मिल चुकी है। इसके तहत पंजाबी, भूगोल, इतिहास एवं बॉटनी विषयों में एमए व एमएससी की कक्षाएं प्रारंभ की जा रही हैं। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी।

उन्होंने आगे बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए महाविद्यालय में विभिन्न प्रकार की छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ दिलवाया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग की एससी, एसटी, ओबीसी व बीपीएल छात्रवृत्ति, अल्पसंख्यक विभाग की छात्रवृत्ति, श्रमिक कार्ड योजना तथा पालनहार योजना के तहत सहायता उपलब्ध है। इसके अलावा 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति दी जाती है, वहीं विज्ञान वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को इंस्पायर अवार्ड का लाभ भी मिलता है। विशेष उपलब्धि के रूप में उन्होंने बताया कि काली बाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना के तहत इस वर्ष महाविद्यालय की दो छात्राओं का चयन हुआ है, जो संस्था के लिए गौरव की बात है। महाविद्यालय की सुविधाओं का उल्लेख करते हुए डॉ. वर्मा ने बताया कि परिसर में स्वच्छ, शांत एवं हवादार भवन, शीतल पेयजल की व्यवस्था, समृद्ध पुस्तकालय, आधुनिक प्रयोगशालाएं, खेलकूद सुविधाएं तथा सीसीटीवी कैमरों से सुसज्जित सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि अनुभवी एवं योग्य शिक्षकों द्वारा नियमित कक्षाएं संचालित की जाती हैं, साथ ही विद्यार्थियों को केवल डिग्री तक सीमित न रखते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी निशुल्क करवाई जाती है, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकें। डॉ. वर्मा ने बताया कि 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित होने के साथ ही सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। महाविद्यालय में प्रवेश ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर दिए जा रहे हैं, इसलिए इच्छुक विद्यार्थी समय रहते प्रवेश सुनिश्चित करें।
