संगरिया। निस्वार्थ सेवा को सच्ची भक्ति मानने वाली भावना का जीवंत उदाहरण एक बार फिर देखने को मिला, जब डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों ने मानसिक रूप से परेशान एक युवक को उसके परिवार से मिलाकर मानवता की मिसाल पेश की। 7 अप्रैल 2026 को समाजसेवी राज किंगरा को संगरिया रेलवे स्टेशन के पास करीब 30 वर्षीय युवक बदहवास हालत में भटकता हुआ मिला। भूख और प्यास से व्याकुल युवक की किसी ने सुध नहीं ली थी। स्थिति को देखते हुए राज किंगरा ने तुरंत सेवादार महेश गोयल इन्सां से संपर्क किया, जिसके बाद युवक को ‘मानवता भलाई केंद्र’ पहुंचाया गया। सेवादारों ने पुलिस को सूचना देने के साथ ही युवक की देखभाल शुरू की। नहलाने, साफ-सफाई और नए कपड़े पहनाने के बाद उसकी हालत में सुधार आया। पूछताछ में उसने अपना नाम तिलक राज (पुत्र अतर सिंह), निवासी हसनपुर, उत्तर प्रदेश बताया।सेवादार रामफल इन्सां ने उत्तर प्रदेश के स्थानीय नेटवर्क की मदद से महज 48 घंटों में तिलक राज के भाई नेपाल से संपर्क स्थापित किया। परिजनों ने बताया कि तिलक राज मानसिक परेशानी के चलते एक सप्ताह से लापता था और वे उसकी तलाश में भटक रहे थे। तिलक राज की स्थिति में सुधार और परिजनों की सहमति के बाद सेवादारों ने उसे ट्रेन के माध्यम से घर रवाना किया। यात्रा के लिए भोजन, खर्च और नए कपड़ों की व्यवस्था कर उसे सम्मानपूर्वक विदा किया गया। अब भटकता हुआ जीवन फिर से अपने अपनों के बीच सुरक्षित पहुंच गया है।
इनका रहा विशेष सहयोग
इस सराहनीय कार्य में शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के जुम्मेदार भाई लाल चंद इन्सां, महेश गोयल इन्सां, रामफल इन्सां, पवन इन्सां, बबलू गर्ग इन्सां, विनोद हाड़ा इन्सां, सुरेन्द्र जग्गा इन्सां, अमरा राम इन्सां, सुखदेव इन्सां, बनारसी इन्सां, समाजसेवी राज किंगरा और ओम प्रकाश करवा सहित कई सेवादारों ने अहम भूमिका निभाई।
संवाददाता- सुरेन्द्र जग्गा
