हनुमानगढ़। जिले में गेहूं की सरकारी खरीद व्यवस्था में आ रही खामियों को लेकर किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सीटू के जिला महासचिव शेर सिंह शाक्य और सुल्तान खान ने मंगलवार को जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की। सीटू नेताओं ने बताया कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण सैकड़ों काश्तकार अपनी उपज बेचने से वंचित हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि कई खातों को ‘अपवादितÓ या विवादित श्रेणी में डाल दिया गया है, जिसके चलते उन खातों से जुड़े सभी काश्तकारों की गेहूं खरीद रोक दी गई है। जबकि वास्तविकता में सभी किसान विवाद से संबंधित नहीं हैं। सीटू नेता शेर सिंह शाक्य ने आरोप लगाया कि बिना उचित सत्यापन के पूरी जमाबंदी को रोक देना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने मांग की कि केवल वास्तविक विवादित हिस्सों को अलग रखा जाए और बाकी किसानों की खरीद प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को राहत मिल सके। सीटू नेताओं ने गिरदावरी में गड़बड़ियों को भी बड़ी समस्या बताया। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर खेतों में खड़ी गेहूं की फसल का रिकॉर्ड में उल्लेख ही नहीं किया गया है, जिससे ऐसे किसानों का नाम सरकारी खरीद सूची में शामिल नहीं हो पा रहा और वे अपनी उपज बेचने से वंचित हैं। सीटू नेताओं ने प्रशासन से गिरदावरी की पुन: जांच कर वास्तविक स्थिति के अनुसार संशोधन करने और प्रभावित किसानों को तुरंत खरीद प्रक्रिया में शामिल करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
