हनुमानगढ़। जिले में संचालित स्कूलों की बाल वाहिनियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अब बाल कल्याण समिति ने सख्त रुख अपना लिया है। सीडब्ल्यूसी बेंच मजिस्ट्रेट जितेंद्र गोयल ने मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र प्रेषित कर सभी स्कूल वाहनों की व्यापक जांच कराने के निर्देश दिए हैं। जारी निर्देशों में कहा गया है कि जिले के सभी निजी एवं सरकारी स्कूलों की ओर से संचालित वाहनों की फिटनेस, सुरक्षा उपकरणों और आवश्यक व्यवस्थाओं की गंभीरता से जांच की जाए। विशेष रूप से वाहनों के ब्रेक, शीशे, टायर, लाइट सहित अन्य तकनीकी पहलुओं को दुरुस्त स्थिति में होना अनिवार्य बताया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। मजिस्ट्रेट ने यह भी स्पष्ट किया कि स्कूल वाहनों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसको ध्यान में रखते हुए प्रत्येक वाहन में बच्चों को चढ़ाने और उतारने के दौरान सहायता के लिए हेल्पर की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने, बिना परमिट या फिटनेस के वाहन चलाने जैसी अनियमितताओं पर भी कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। गोयल के अनुसार, शिक्षा विभाग की ओर से जल्द ही विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा, जिसमें गठित टीम विभिन्न स्कूलों का निरीक्षण करेगी। जांच के दौरान यदि किसी वाहन में खामियां पाई जाती हैं तो संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सीडब्ल्यूसी बेंच ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि हाल के समय में स्कूल वाहनों की लापरवाही से होने वाली घटनाओं को देखते हुए यह कदम उठाना आवश्यक हो गया है। बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस निर्देश के बाद जिले के स्कूल संचालकों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है, वहीं अभिभावकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे बच्चों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। अभिभावकों का कहना है कि अक्सर स्कूल वाहन सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हैं, ऐसे में इस तरह की जांच से व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद है। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि जांच की पूरी रिपोर्ट तैयार कर शीघ्र संबंधित उच्चाधिकारियों व सीडब्ल्यूसी को प्रस्तुत की जाए, ताकि आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
