हनुमानगढ़। जंक्शन स्थित श्री गोविंद धाम गौशाला में मंगलवार को होली महोत्सव हर्षोल्लास और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। शहर में जहां बुधवार को होली का पर्व मनाया गया, वहीं गौशाला समिति ने बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए एक दिन पूर्व ही महोत्सव आयोजित करने का निर्णय लिया। समिति के इस सराहनीय कदम का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला और पूरे बाजार खुले होने के बावजूद गौशाला प्रांगण में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम में वृंदावन से आए कलाकारों ने कान्हा के भजनों पर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।

पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों ने जब श्रीकृष्ण के भजनों पर नृत्य किया तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। भजनों की मधुर धुनों पर उपस्थित श्रद्धालु झूम उठे और तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। फूलों और गुलाल की वर्षा के बीच गौशाला परिसर रंगों और खुशियों से सराबोर नजर आया। महोत्सव के दौरान आगंतुकों का स्वागत गौशाला समिति के अध्यक्ष इन्द्र हिसारिया, शिवभगवान ढूढाणी और गोपाल जिंदल ने मुख्य द्वार पर रंग-गुलाल लगाकर किया।

अतिथियों के अभिनंदन की यह पारंपरिक शैली लोगों को विशेष रूप से आकर्षित करती रही। कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में परिवारों ने भाग लिया और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। फूलों और गुलाल की होली ने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रंग में रंग दिया। बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। नन्हें-मुन्नों ने भजनों पर थिरकते हुए त्योहार का आनंद लिया। महिलाओं ने भी पूरे उत्साह के साथ भागीदारी निभाई। गौशाला महिला संकीर्तन मंडली ने व्यवस्थाओं की कमान संभालते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद एवं अल्पाहार की समुचित व्यवस्था की गई थी। कड़ी-चावल, पकौड़े, लस्सी, कुल्फी, कॉटन कैंडी और चाय की व्यवस्था से उपस्थित लोगों ने उत्सव का भरपूर आनंद लिया। साफ-सफाई और पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई थी, जिससे आयोजन सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ। पार्किंग की व्यवस्था भी सुदृढ़ रही, जिसके चलते लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। पूरे कार्यक्रम के दौरान शांति और अनुशासन बना रहा। आयोजन में पुलिस प्रशासन का सहयोग भी सराहनीय रहा, जिसके कारण महोत्सव शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सका।

इस अवसर पर रोहित अग्रवाल, वीरेन्द्र गोयल ‘बब्बी भट्टेवाला’, लवली चावला, मनीष बत्तरा, मुकेश महर्षि, कानचंद अग्रवाल, बीरबल जिंदल, महावीर जांगिड़, विजय जांगिड़, रामकुमार, सुलतान साहू सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया। गौशाला समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि होली महोत्सव का उद्देश्य केवल रंगों का उत्सव मनाना नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक परंपराओं और धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करना है।

कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ और लोगों के उत्साह ने यह सिद्ध कर दिया कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भक्ति, रंग और उल्लास से सराबोर यह होली महोत्सव शहरवासियों के लिए यादगार बन गया।
