हनुमानगढ़। गेहूं की सरकारी खरीद को लेकर जिले में बढ़ती समस्याओं के बीच भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने आंदोलन का ऐलान किया है। बायोमेट्रिक और स्लॉट बुकिंग प्रणाली की बाध्यता के विरोध में माकपा कार्यकर्ता 13 अप्रैल, सोमवार को जिला कलक्ट्रेट के समक्ष धरना-प्रदर्शन करेंगे। यह निर्णय शनिवार को आयोजित बैठक में लिया गया, जिसमें किसानों की समस्याओं पर चर्चा की गई। माकपा नेता रामेश्वर वर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा गेहूं की खरीद को सीमित रखने की है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले प्रशासन की ओर से 48 प्रतिशत बारदाना उपलब्ध होने की बात कही गई थी, लेकिन वर्तमान में स्थिति इसके विपरीत है और केवल लगभग 30 प्रतिशत बारदाना ही उपलब्ध है।

वही बारदाना एक मंडी से दूसरी मंडी में भेजकर काम चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले ही गेहूं की खरीद देरी से शुरू हुई है और हाल ही में हुई बारिश व ओलावृष्टि से किसानों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके बावजूद किसान अपनी उपज लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं, जिससे अधिकांश मंडियां लगभग भर चुकी हैं। लेकिन कई स्थानों पर अभी तक खरीद शुरू नहीं हो पाई है।

संगरिया का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां अब तक सरकारी खरीद शुरू तक नहीं हुई है। रामेश्वर वर्मा ने बायोमेट्रिक व स्लॉट सिस्टम को अव्यवहारिक बताते हुए कहा कि इससे किसानों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। न तो खरीद एजेंसियों को स्पष्ट जानकारी है और न ही प्रशासन के पास ठोस व्यवस्था दिखाई दे रही है। इस कारण किसान मजबूरी में अपनी उपज औने-पौने दामों में बेचने को विवश हो रहे हैं, जिसे व्यापारी फैक्ट्रियों या गोदामों में भंडारित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीलीबंगा में कुछ फैक्ट्रियों को मंडी घोषित करने की बात कही जा रही है, जबकि पहले से मौजूद मंडियां पर्याप्त हैं।

मंडियों में पारदर्शी तरीके से खरीद होती है, लेकिन यदि खरीद प्रक्रिया को मंडी से बाहर ले जाया गया तो पारदर्शिता खत्म हो जाएगी और कमीशनखोरी को बढ़ावा मिलेगा। इससे किसानों, मजदूरों और मंडी व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इन्हीं मांगों को लेकर माकपा ने 13 अप्रैल को जिला कलक्ट्रेट के समक्ष धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। इस दौरान किसानों की पूरी फसल की सरकारी खरीद सुनिश्चित करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई जाएगी। बैठक में बलदेव सिंह, बहादुर सिंह चौहान, शेरसिंह शाक्य सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
