मध्यप्रदेश। में एमपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में शामिल लाखों विद्यार्थियों का इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा 15 अप्रैल से पहले रिजल्ट जारी करने की तैयारी की जा रही है। संभावित रूप से परिणाम 7 से 12 अप्रैल के बीच घोषित किए जा सकते हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार रिजल्ट जारी करने से पहले सभी आवश्यक प्रक्रियाएं अंतिम चरण में हैं और परिणाम पूरी तरह त्रुटिरहित घोषित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस वर्ष प्रदेश में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में करीब 16 लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए थे। इनमें लगभग 9 लाख 7 हजार छात्र-छात्राएं 10वीं और करीब 7 लाख विद्यार्थी 12वीं की परीक्षा में बैठे। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए पूरे प्रदेश में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षाएं संपन्न कराई गईं। परीक्षाओं को नकलमुक्त बनाने के लिए इस बार विशेष इंतजाम किए गए थे। फ्लाइंग स्क्वॉड की निगरानी, सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था और प्रश्नपत्र वितरण की वीडियोग्राफी जैसे कदम उठाए गए। इसके बावजूद प्रदेशभर में करीब 100 नकल के प्रकरण सामने आए। इनमें सबसे अधिक 41 मामले मुरैना जिले में दर्ज हुए, जबकि भोपाल दूसरे स्थान पर रहा, जहां 20 प्रकरण बने। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि फिलहाल उत्तर पुस्तिकाओं की क्रॉस चेकिंग और वैरिफिकेशन की प्रक्रिया तेजी से जारी है। विभाग हर स्तर पर जांच कर रहा है ताकि परिणाम पूरी तरह फुलप्रूफ तरीके से घोषित किए जा सकें और छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इस बीच विशेषज्ञों ने छात्रों को रिजल्ट को लेकर तनाव से बचने की सलाह दी है। डॉक्टरों और काउंसलर्स का कहना है कि अभिभावक बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और उन्हें मानसिक रूप से सहयोग दें। पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और सकारात्मक माहौल से छात्रों की मानसिक स्थिति बेहतर बनी रहती है। शिक्षा विभाग का मुख्य उद्देश्य इस बार समय पर रिजल्ट जारी करना है, ताकि छात्र बिना देरी के अगली कक्षा या अपने पसंदीदा कोर्स में प्रवेश ले सकें। तय समयसीमा के भीतर परिणाम घोषित होने से लाखों छात्रों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
