– अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित- जिला कलक्टर ने किशोरी उत्सव में प्रथम रहे मॉडलों का किया अवलोकन
हनुमानगढ़। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर शिक्षा विभाग के कार्यालय अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा हनुमानगढ़ की ओर से शनिवार को जाट भवन में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा एवं खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली 168 बालिकाओं तथा बालिका शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 30 महिला अध्यापिकाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम स्थल पर जिले के सातों ब्लॉक में आयोजित किशोरी उत्सव में जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली बालिकाओं के मॉडलों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव सहित अन्य अधिकारियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बालिकाओं की रचनात्मकता एवं प्रतिभा की सराहना की। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि बालिकाओं को शिक्षा के साथ-साथ खेल, विज्ञान और अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध करवाना आवश्यक है। बालिकाओं को प्रोत्साहित करने और उनकी प्रतिभा को उचित मंच प्रदान करने में ऐसे कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वक्ताओं ने कहा कि सरकार बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। विद्यालयी शिक्षा के अंतर्गत कक्षा 10 में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाली बालिकाओं को गार्गी पुरस्कार तथा कक्षा 12 में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाली बालिकाओं को बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया जाता है। इसके अलावा कक्षा 9 में अध्ययनरत बालिकाओं को साइकिल वितरण योजना के तहत नि:शुल्क साइकिल दी जाती है। कालीबाई भील स्कूटी योजना सहित अन्य योजनाओं के माध्यम से भी बालिकाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित योजनाओं का लाभ अधिकाधिक बालिकाओं तक पहुंचना चाहिए, ताकि वे शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकें और अपने परिवार व समाज के विकास में योगदान दे सकें।
हर क्षेत्र में बेटियां बढ़ा रही जिले का मान
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आज बेटियां शिक्षा, खेल, विज्ञान, सरकारी सेवाओं और निजी क्षेत्र सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। हनुमानगढ़ की बेटियों ने भी हाल ही में खेल के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। बालिकाओं की इन उपलब्धियों से अन्य छात्राओं को भी प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। शिक्षा के साथ खेल एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भागीदारी से बालिकाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानने का अवसर मिलता है। कार्यक्रम में जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रद्धा गोमे, सीडीईओ पन्नालाल कड़ेला, एडीपीसी सुनीता भटेजा, डाइट प्राचार्य मधुबाला, एडीईओ अजय भार्गव, एपीसी विजय सिंह, संजय भार्गव, सीबीईओ मनोहर बिस्सु, एसीबीईओ दीपक मिड्ढा, तरुण अरोड़ा, सीबीईओ कार्यालय के आरपी राधेश्याम छिम्पा, एबीआरएसएम जिलाध्यक्ष मनमोहन शर्मा, कार्यक्रम अधिकारी योजना चौधरी, विकास शर्मा, अरविन्द बिश्नोई तथा रजनीश गोदारा सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सरिता राघव, नीता अग्रवाल और राजकुमार बवेजा ने किया।
