-नव निर्मित फेफाना–रतनपुरा सड़क धंसी, अमानक निर्माण की खुली पोल
चारणवासी। गांव रतनपुरा के पास करोड़ों रुपये की लागत से बनी फेफाना–रतनपुरा मिसिंग लिंक सड़क महज तीन माह में ही धंसने लगी है। सड़क के धंसने से सार्वजनिक निर्माण विभाग और ठेकेदार द्वारा किए गए कथित घटिया निर्माण की पोल खुल गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत के कारण अमानक सामग्री का प्रयोग किया गया, जिसके चलते नई सड़क की हालत इतनी जल्दी खराब हो गई। जानकारी के अनुसार पूर्व सरकार द्वारा करीब 10–12 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए 3.20 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। विभाग ने यह कार्य मई 2023 में शुरू कर अक्टूबर 2023 तक पूरा करने की शर्त पर सिरसा की रमेश कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया था।

हालांकि ठेकेदार की मनमानी और विभागीय ढिलाई के चलते यह कार्य अपनी तय समय सीमा से करीब दो साल की देरी से नवंबर 2025 में पूरा हो पाया। बताया जा रहा है कि कार्य में देरी के कारण विभाग ने ठेकेदार पर 25 लाख रुपये की पेनल्टी भी लगाई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि पेनल्टी की भरपाई के लिए ठेकेदार ने निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया, जिसका नतीजा अब सामने आ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार गांव रतनपुरा से लगभग आधा किलोमीटर दूरी पर सड़क करीब 10–15 फीट लंबाई और लगभग दो फुट चौड़ाई में धंस गई है, जिससे इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए गंभीर हादसे का खतरा पैदा हो गया है। कई स्थानों पर सड़क के किनारों से डामर उखड़ चुका है और नीचे बिछाई गई पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण सड़क अंदर से खोखली होकर टूटने लगी है।
सड़क की लाइफ लाइन हो गई कम
ग्रामीण विजय सिंह सहू ने रोष जताते हुए कहा कि सड़क निर्माण में तकनीकी मानकों की घोर अनदेखी की गई है, जिसके कारण सड़क की लाइफ बहुत कम रह गई है। ठेकेदार ने सड़क के दोनों तरफ सुरक्षा के लिए सफेद पट्टी (मार्किंग) तक नहीं लगाई और गांव के मुख्य चौराहे पर स्पीड ब्रेकर भी नहीं बनाया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि डामरीकरण के तीन महीने बाद बर्म (पटरी) बनाने के नाम पर पीली कंक्रीट की जगह केवल चिकनी मिट्टी डालकर औपचारिकता निभा दी गई, जबकि नियमानुसार बर्म की घुटाई सड़क निर्माण से पहले होना अनिवार्य है। अब मिट्टी गायब होने से बर्म भी खत्म हो चुके हैं और सड़क के किनारे असुरक्षित हो गए हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में जनता के पैसे का इस तरह दुरुपयोग न हो सके। बताया गया है कि यह मामला विभाग के अधिशाषी अभियंता के संज्ञान में भी लाया जा चुका है।
संवाददाता-जयलाल वर्मा
