हनुमानगढ़। ग्राम पंचायत पुनर्गठन के तहत चक 32 एसएसडब्ल्यू को पूर्व ग्राम पंचायत 30 एसएसडब्ल्यू से अलग कर नवसृजित ग्राम पंचायत 5 एआरडब्ल्यूए में जोड़े जाने के निर्णय का ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया है। इस संबंध में चक 24, 26, 28, 30 एवं 32 एसएसडब्ल्यू के निवासियों ने सोमवार को उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूर्व व्यवस्था को यथावत रखने की मांग की। ग्राम पंचायत प्रशासक प्रतिनिधि पंछी सिंह के अनुसार चक 24, 26, 28, 30 व 32 एसएसडब्ल्यू मिलकर वर्षांे से एक ही ग्राम पंचायत 30 एसएसडब्ल्यू के अंतर्गत आते रहे हैं। इन सभी चकों का मुख्यालय चक 30 एसएसडब्ल्यू में स्थित है, जहां कक्षा 12 तक का विद्यालय भी संचालित है। सभी चक आपस में सटे हुए हैं तथा एक-दूसरे से महज डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। ग्रामीण सामाजिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक कार्यांे में हमेशा मिलजुल कर सहभागिता निभाते आए हैं। वर्तमान में ग्राम पंचायत 30 एसएसडब्ल्यू के प्रशासक स्वयं चक 32 एसएसडब्ल्यू के मूल निवासी हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि यह क्षेत्र प्रशासनिक व सामाजिक रूप से एक इकाई के रूप में कार्य करता रहा है। इसके बावजूद पंचायत पुनर्गठन के दौरान ग्रामीणों की 31 जनवरी 2025 को दी गई लिखित आपत्तियों और पूर्व में दर्ज आपत्तियों की अनदेखी करते हुए चक 32 एसएसडब्ल्यू को लगभग 7 किलोमीटर दूर स्थित नवसृजित पंचायत 5 एआरडब्ल्यूए में जोड़ दिया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह निर्णय राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से कुछ चुनिंदा लोगों के दबाव में लिया गया है, जो न्यायोचित नहीं है। नई पंचायत की दूरी अधिक होने से बच्चों की शिक्षा, मनरेगा कार्य, पंचायत कार्यांे व अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा, जबकि पुरानी पंचायत मात्र 1.5 किलोमीटर की दूरी पर है। ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों से स्वयं मौके पर जाकर स्थिति का अवलोकन करने और चक 32 एसएसडब्ल्यू को पुन: ग्राम पंचायत 30 एसएसडब्ल्यू में शामिल करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे आगामी चुनावों का बहिष्कार करेंगे तथा न्याय की मांग को लेकर ग्राम पंचायत 30 एसएसडब्ल्यू में बेमियादी धरना देंगे। इस मौके पर रामसिंह, सुरेन्द्र सिंह, सुरेंद्र श्योराण, हेतराम, राकेश दूधवाल, नन्दराम श्योराण, जसपाल खोसा, सुभाष घिंटाला, गुरमेल सिंह सहित कई अन्य ग्रामीण मौजूद थे।
