श्रीगंगानगर। जिले के नवनियुक्त जिला कलेक्टर डॉ. अमित यादव ने कहा कि श्रीगंगानगर को नशा मुक्त बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा और जनसुनवाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि लोगों को निष्पक्ष न्याय और त्वरित राहत मिल सके। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित पहली बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप आमजन से जुड़े प्रत्येक कार्य को तय समय सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं और सुझावों पर गंभीरता से अमल किया जाएगा और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह बनाया जाएगा। डॉ. यादव ने गुरुवार शाम को जिला कलेक्टर का कार्यभार ग्रहण करने के बाद अधिकारियों के साथ यह पहली बैठक की। उन्होंने प्रशासनिक अनुभव साझा करते हुए कहा कि जनता के विश्वास को बनाए रखना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। हरियाणा के मूल निवासी डॉ. अमित यादव 2016 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने पीजीआई रोहतक से एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया। अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत नागौर से करते हुए वे बागीदौरा (बांसवाड़ा) और नरसीसर (झुंझुनूं) में एसडीएम रहे। इसके अलावा जोधपुर नगर निगम में सीईओ और जयपुर में चिरंजीवी योजना से जुड़े स्वास्थ्य विभाग में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। जिला कलेक्टर के रूप में उनका पहला कार्यकाल सीकर में रहा, जिसके बाद उन्होंने नागौर में सेवाएं दीं। विधानसभा चुनाव के दौरान भरतपुर तथा लोकसभा चुनाव के समय स्वास्थ्य विभाग में अहम दायित्व निभाए। हाल ही में राज्य सरकार ने उन्हें श्रीगंगानगर का जिला कलेक्टर नियुक्त किया है। बैठक के दौरान डॉ. यादव ने अगस्त 2022 में सीकर के खाटूश्यामजी मंदिर में हुई भगदड़ की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद प्रशासन ने स्थिति को तत्काल नियंत्रित किया और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर को तीन महीने तक बंद रखकर व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार किए गए।
