जयपुर। नागौर से सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को मानहानि का लीगल नोटिस भेजा है। यह नोटिस बेनीवाल की ओर से सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सुमित्रा चौधरी द्वारा जारी किया गया है। नोटिस में मदन राठौड़ के हाल ही में दिए गए एक बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए उनसे सात दिन के भीतर बिना शर्त लिखित माफी मांगने और सोशल मीडिया सहित अन्य मंचों से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री हटाने की मांग की गई है। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ दीवानी और आपराधिक कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है। लीगल नोटिस के अनुसार, मदन राठौड़ ने एक जनसभा में कहा था, “मैं आपसे प्रार्थना करता हूं कि ऐसे व्यक्ति का समाज से पूर्ण रूप से बहिष्कार करना चाहिए।” बेनीवाल पक्ष का दावा है कि यह टिप्पणी सीधे तौर पर हनुमान बेनीवाल को लक्ष्य बनाकर की गई थी। नोटिस में कहा गया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक जनप्रतिनिधि द्वारा दूसरे निर्वाचित जनप्रतिनिधि के सामाजिक बहिष्कार की अपील करना दुर्भावनापूर्ण और अलोकतांत्रिक है। नोटिस में यह भी आरोप लगाया गया है कि मदन राठौड़ ने भ्रष्टाचार और कदाचार के आरोपों का सामना कर रहे भाजपा नेताओं रेवंतराम डांगा और गौतम दक का सार्वजनिक रूप से बचाव करते हुए उन्हें ‘क्लीन चिट’ देने का प्रयास किया। नोटिस में कहा गया है कि किसी भी मामले की जांच और निर्णय का अधिकार न्यायालयों एवं सक्षम एजेंसियों को है, न कि किसी राजनीतिक पदाधिकारी को। इसके अलावा, नोटिस में मदन राठौड़ पर सार्वजनिक प्रदर्शनों के दौरान महिला कार्यकर्ताओं के प्रति अपमानजनक और डराने-धमकाने वाला व्यवहार करने का आरोप भी लगाया गया है। इसे भाजपा के महिला सशक्तिकरण संबंधी दावों के विपरीत बताते हुए उनकी कथनी और करनी में अंतर का उदाहरण बताया गया है। नोटिस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक संबोधन का हवाला देते हुए कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक जीवन में सादगी और अनुशासन बनाए रखने की अपील की थी, लेकिन राठौड़ के नेतृत्व में इन मूल्यों की अनदेखी की गई। बेनीवाल पक्ष का कहना है कि मदन राठौड़ के बयानों और गतिविधियों से हनुमान बेनीवाल की सामाजिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंची है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि सात दिनों के भीतर बयान वापस लेकर लिखित माफी नहीं मांगी गई तो मदन राठौड़ के खिलाफ मानहानि, आपराधिक साजिश तथा अन्य संबंधित धाराओं के तहत न्यायालय में मुकदमा दायर किया जाएगा।
