ऐलनाबाद। न्यायालयों में सभी महिलाओं और लड़कियों को निःशुल्क वकील उपलब्ध करवाया जाता है, जिससे वे जरूरत पड़ने पर अपने अधिकारों की रक्षा कर सकती हैं। यह बात एडवोकेट वीरेन्द्र सिंह भादू ने खंड के गांव बेहरवाला खुर्द में आयोजित कानूनी जागरूकता एवं मुफ्त कानूनी सहायता शिविर के दौरान महिलाओं को संबोधित करते हुए कही। यह कार्यक्रम उप-मंडल विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ सिविल जज आशीष आर्य के निर्देशानुसार आयोजित किया गया, जिसमें ग्रामीण महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। शिविर के दौरान एडवोकेट वीरेन्द्र सिंह भादू ने महिलाओं को न्यायालय में निःशुल्क वकील प्राप्त करने और मुफ्त में केस दायर करने की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने बताया कि पीड़ित महिलाओं के लिए यह सुविधा विशेष रूप से लाभदायक है, जिससे वे बिना किसी आर्थिक बोझ के न्याय प्राप्त कर सकती हैं। उन्होंने दहेज प्रताड़ना से संबंधित भारतीय न्याय संहिता की धारा 85 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग को लेकर किसी भी प्रकार की मानसिक या शारीरिक प्रताड़ना के विरुद्ध महिलाएं कानूनी कार्रवाई कर सकती हैं। इसके अलावा उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 144 के तहत पत्नी, बच्चों और माता-पिता के भरण-पोषण से जुड़े अधिकारों और प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से बताया। कार्यक्रम में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत बुजुर्गों और महिलाओं के अधिकारों पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि इस कानून के तहत बुजुर्ग माता-पिता अपने बच्चों से भरण-पोषण प्राप्त करने का अधिकार रखते हैं। इस अवसर पर सरपंच बबीता ख्यालिया, कविता पलथानिया, पैरालीगल वालंटियर रुप राम भाकर, राजेन्द्र ख्यालिया, पूर्व सरपंच विजय कुमार सहित कई गणमान्य ग्रामीण मौजूद रहे।
संवाददाता- रमेश भार्गव
