ऐलनाबाद। सिरसा की सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने हरियाणा में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं की सरकारी खरीद में हो रही देरी और अव्यवस्थाओं पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में किसानों को कई मोर्चों पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। कुमारी सैलजा ने कहा कि हाल ही में हुई बेमौसम बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि से प्रदेश के बड़े हिस्से में खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। इससे किसानों की आय पर सीधा असर पड़ा है। ऐसे में मंडियों में खरीद प्रक्रिया की धीमी गति और व्यवस्थागत खामियों ने किसानों की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। उन्होंने बताया कि सरकार की घोषणाओं के बावजूद जमीनी स्तर पर खरीद व्यवस्था पूरी तरह सुचारु नहीं हो पाई है। मंडियों में फसल लेकर पहुंच रहे किसानों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है और उन्हें लॉजिस्टिक समस्याओं व अपर्याप्त व्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। खराब मौसम के कारण मंडियों में पड़ा गेहूं भी नुकसान की आशंका में है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। सैलजा ने कहा कि परिवहन, मजदूरी और फसल प्रबंधन पर बढ़ते खर्च के कारण किसानों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है। वहीं खरीद और भुगतान में देरी से उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है और कर्ज पर निर्भरता बढ़ती जा रही है। उन्होंने फसल नुकसान के आकलन और मुआवजे की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सर्वे और मुआवजा वितरण में देरी से पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं, जिससे किसानों में असंतोष बढ़ रहा है। कुमारी सैलजा ने राज्य सरकार से मांग की कि एमएसपी पर समयबद्ध और सुचारु खरीद सुनिश्चित की जाए। साथ ही मंडियों में बुनियादी सुविधाएं मजबूत की जाएं, फसल नुकसान का जल्द सर्वे कर उचित मुआवजा दिया जाए और फसल बीमा दावों का निपटारा तय समय सीमा में किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
संवाददाता- रमेश भार्गव
