हनुमानगढ़। बालिकाओं को गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से जिले में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीनेशन को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस अभियान को मेगा स्तर पर संचालित किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक किशोरियों को इसका लाभ मिल सके। हाल ही में देश स्तर पर इस वैक्सीन के लॉन्च के बाद अब इसे प्रदेशभर में तेजी से लागू किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि इस अभियान के तहत ऐसी बालिकाएं, जिन्होंने 14 वर्ष की आयु पूरी कर ली है और 15 वर्ष की आयु में प्रवेश कर रही हैं, उन्हें यह वैक्सीन प्राथमिकता के साथ लगाई जा रही है। उन्होंने बताया कि एचपीवी वायरस से होने वाली गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए यह वैक्सीन बेहद प्रभावी मानी जाती है। डॉ. शर्मा ने कहा कि बाजार में इस वैक्सीन की कीमत करीब चार हजार रुपए है, लेकिन सरकार की ओर से इसे पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। ऐसे में अभिभावकों के लिए यह सुनहरा अवसर है कि वे अपनी बेटियों को नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केन्द्र पर ले जाकर वैक्सीनेशन अवश्य करवाएं। उन्होंने यह भी बताया कि सोशल मीडिया पर इस वैक्सीन को लेकर कई तरह की भ्रामक जानकारियां प्रसारित हो रही हैं, जिससे लोगों में अनावश्यक डर और भ्रांतियां पैदा हो रही हैं। जबकि यह वैक्सीन वर्ष 2009 से देश-विदेश में उपयोग में है और पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि किसी भी नई पहल के प्रति प्रारंभिक संदेह होना स्वाभाविक है, लेकिन लोगों को अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय चिकित्सकीय सलाह पर भरोसा करना चाहिए। सीएमएचओ के अनुसार आगामी तीन महीनों में इस वैक्सीन को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में भी शामिल कर लिया जाएगा, जिससे भविष्य में यह सभी पात्र बालिकाओं को नियमित रूप से उपलब्ध हो सकेगी। इसके अलावा उन्होंने बताया कि यदि कोई स्कूल, कॉलेज या सामाजिक संस्था समूह में बालिकाओं का वैक्सीनेशन करवाना चाहती है, तो स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक बालिकाओं तक यह सुविधा पहुंच सके। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के अभिभावकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपनी बेटियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए एचपीवी वैक्सीन जरूर लगवाएं।
