हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय परिसर में संचालित वाग्भट वैलनेस एंड आयुष रिसर्च सेंटर की नई ओपीडी विंग का शुभारंभ गुरुवार को वैदिक मंत्रोच्चारण एवं हवन-पूजन के साथ विधिवत रूप से किया गया। कार्यक्रम में सेंटर के चिकित्सकों, स्टाफ एवं गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया। हवन का संचालन पंडित बालकृष्ण शर्मा ने विधि-विधान से कराया। इस मौके पर वाग्भट वैलनेस एंड आयुष रिसर्च सेंटर के फाउंडर बाबूलाल जुनेजा अपनी धर्मपत्नी सहित मुख्य यजमान के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने पूजा-अर्चना कर हवन में आहुतियां दीं तथा सेंटर की उन्नति एवं जनकल्याण की कामना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि हवन भारतीय संस्कृति और आयुर्वेदिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हवन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि वातावरण को शुद्ध करने, मानसिक शांति प्रदान करने और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का प्रभावी माध्यम भी है। नियमित हवन से व्यक्ति के मन और शरीर दोनों को लाभ मिलता है तथा जीवन में सकारात्मकता बढ़ती है। वर्तमान समय की भागदौड़ भरी जीवनशैली में लोगों को अपनी दैनिक दिनचर्या में योग, आयुर्वेद और हवन जैसी पारंपरिक विधाओं को शामिल करना चाहिए। इससे तनाव कम होता है, मानसिक संतुलन बना रहता है और परिवार में सुख-शांति का वातावरण कायम रहता है। बाबूलाल जुनेजा ने बताया कि वाग्भट वैलनेस एंड आयुष रिसर्च सेंटर का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को प्राकृतिक चिकित्सा, आयुर्वेद एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है। सेंटर के माध्यम से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ आयुष पद्धति को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। इस मौके पर डॉ. नवनीत, डॉ. देवेंद्र सैनी, डॉ. अवनी गुप्ता, डॉ. शिव कुमार स्वामी, डॉ. राकेश बागोरिया, पीआरओ मनीष कौशिक सहित सेंटर का अन्य स्टाफ मौजूद रहा।
