हनुमानगढ़। स्वर्णकार सभा समिति हनुमानगढ़ एवं श्री मैढ़ स्वर्णकार सभा नोहर की ओर से गुरुवार को प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर सोना नहीं खरीदने संबंधी आह्वान पर विरोध जताया गया। स्वर्णकार समाज और सर्राफा व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों, कारीगरों एवं कर्मचारियों ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आह्वान से स्वर्ण व्यवसाय से जुड़े लाखों परिवारों में असंतोष और आर्थिक चिंता उत्पन्न हुई है। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि भारत में सोना केवल आभूषण नहीं बल्कि संस्कृति, परंपरा और सामाजिक आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विवाह, त्योहारों और धार्मिक आयोजनों में सोने का विशेष महत्व रहा है। साथ ही सर्राफा व्यवसाय देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है तथा लाखों परिवारों की आजीविका इसी पर निर्भर करती है। ऐसे बयानों या आह्वानों से बाजार में नकारात्मक संदेश जाता है, जिससे व्यापार प्रभावित होता है और छोटे व्यापारी व कारीगर आर्थिक संकट का सामना करने लगते हैं। पहले से ही महंगाई, टैक्स व्यवस्था और बाजार की मंदी के कारण सर्राफा व्यवसाय कठिन दौर से गुजर रहा है। स्वर्णकार सभा समिति ने केन्द्र सरकार से मांग की कि इस प्रकार के आह्वान पर पुनर्विचार किया जाए तथा स्वर्ण व्यवसाय और इससे जुड़े लाखों परिवारों के हितों की रक्षा के लिए सकारात्मक कदम उठाए जाएं। साथ ही सर्राफा व्यापार को प्रोत्साहन और संरक्षण देने की भी मांग की गई। इस मौके पर समिति अध्यक्ष मुरलीधर सोनी, गौरीशंकर, मांगीलाल सहित सर्राफा व्यवसाय से जुड़े कई व्यापारी मौजूद रहे।
