हनुमानगढ़। टिब्बी तहसील के गांव नाईवाला निवासी किसान भीमसैन पुत्र रूपराम जाट ने मंगलवार को जिला कलक्टर को प्रार्थना पत्र सौंपकर सिविल न्यायालय तथा राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर के आदेशों की पालना में चक प्लान में स्वीकृत खाला और रास्ता खुलवाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि दो दिन के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वह अन्न-जल त्याग कर बेमियादी धरने पर बैठेगा। भीमसैन के अनुसार चक 9 सीडीआर में चक प्लान में स्वीकृत खाला को चालू कराने तथा स्वीकृत सरकारी गैरमुमकिन रास्ते को खुलवाने का मामला लंबे समय से लंबित है। उसके भाई रामनारायण की भूमि तक पहुंचने के लिए स्वीकृत रास्ते पर अतिक्रमण कर उसे बंद कर दिया गया था। इस संबंध में तहसीलदार टिब्बी ने वर्ष 2018 में रास्ता खोलने का आदेश दिया था, जिसे बाद में अपील में भी बरकरार रखा गया। इसके बाद मामला राजस्थान उच्च न्यायालय पहुंचा, जहां मार्च 2025 में न्यायालय ने ट्यूबवेल हटाकर रास्ता चालू करने के निर्देश दिए थे। भीमसैन का आरोप है कि न्यायालय के आदेश के बाद ट्यूबवेल तो हटा दिया गया, लेकिन कुछ लोगों ने कथित रूप से खाला को मूल स्थान से हटाकर अन्य स्थान पर संचालित कर दिया। इस संबंध में सिंचाई विभाग को शिकायत देने पर जांच में भी खाला के स्थान परिवर्तन की पुष्टि होने का दावा किया गया है। भीमसैन के अनुसार सिविल न्यायालय ने भी अपने आदेश में संबंधित पक्ष को वैकल्पिक जलमार्ग उपलब्ध कराने के बाद रास्ता पुन: चालू करने की बात कही थी। इसके बाद सिंचाई विभाग ने सीमांकन कर स्वीकृत खाला की खुदाई शुरू करवाई, लेकिन मई 2026 में मजिस्ट्रेट और पुलिस जाप्ता नियुक्त होने के बावजूद कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। भीमसैन ने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली काश्तकार बार-बार कानूनी प्रक्रियाओं का सहारा लेकर स्वीकृत खाला और रास्ते को खुलवाने में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पूर्व में प्रार्थना पत्र दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। भीमसैन ने जिला प्रशासन से मांग की कि न्यायालयों के आदेशों की पालना सुनिश्चित करते हुए स्वीकृत खाला और रास्ता तत्काल चालू कराया जाए। साथ ही कहा कि यदि दो दिनों के भीतर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती है तो उन्हें अन्न-जल त्यागकर बेमियादी धरना देने की अनुमति प्रदान की जाए।
