– माकपा का एसपी कार्यालय पर हल्ला बोल, एफआईआर 666 को लेकर पुलिस पर बरसे माकपा नेता
हनुमानगढ़। नगर परिषद चुनाव के बाद दर्ज हो रहे मुकदमों और पुलिस कार्रवाई को लेकर माकपा ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के कार्यकर्ताओं ने जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस राजनीतिक दबाव में काम कर रही है और विरोधी दलों के कार्यकर्ताओं को मुकदमों व गिरफ्तारियों के जरिए डराने का प्रयास किया जा रहा है। टाउन थाने में पूर्व सभापति सुमित रणवां सहित अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज एफआईआर में माकपा नेता एवं अधिवक्ता रघुवीर सिंह वर्मा का नाम शामिल किए जाने पर भी तीखा विरोध जताया गया। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि नगर परिषद चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद विरोधी दलों के कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई तेज हो गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने की है, न कि किसी राजनीतिक दल के पक्ष में काम करने की।

वक्ताओं ने मांग की कि विपक्षी दलों को स्वतंत्र रूप से राजनीतिक गतिविधियां करने दी जाएं और उनके कार्यकर्ताओं को अनावश्यक रूप से गिरफ्तार कर प्रताड़ित न किया जाए। माकपा नेताओं ने आगामी पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर भी पुलिस प्रशासन को चेताया। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए मुकदमों का डर दिखाया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि पंचायत चुनाव निष्पक्ष होने चाहिए और किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभा में पुलिस अधिकारियों के तबादलों और जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए। वक्ताओं ने कहा कि पुलिस की भूमिका निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि आमजन के मन में भय पैदा न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो माकपा जनता के बीच जाकर बड़ा आंदोलन करेगी। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। सभा को माकपा नेता रामेश्वर वर्मा, पूर्व विधायक बलवान पूनिया, रघुवीर वर्मा, शेरसिंह शाक्य, बसंत सिंह सहित अन्य ने संबोधित किया।
