हनुमानगढ़। औषधियों के नशे के रूप में दुरुपयोग और अनियमित बिक्री की रोकथाम के लिए जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव द्वारा चलाए जा रहे मनस्वी अभियान अंतर्गत औषधि नियंत्रण विभाग ने संगरिया स्थित मोनू मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान क्रय-विक्रय अभिलेख और आपूर्तिकर्ता का विवरण प्रस्तुत नहीं किए जाने सहित विभिन्न अनियमितताएं सामने आईं। विभाग ने तीन औषधियों के नमूने लेकर शेष 5,245 कैप्सूल और टैबलेट सीलबंद कर जब्त किए। सहायक औषधि नियंत्रक अजय सबल के निर्देशन में औषधि नियंत्रण अधिकारी श्री पंकज जोशी ने सोमवार को नई धान मंडी स्थित अग्रसेन मार्केट के वार्ड संख्या 13 में दुकान संख्या 9-10/1 पर संचालित मोनू मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया। इस दौरान स्टोर पर प्रीगाबालिन 300 मिलीग्राम के 3,000 कैप्सूल, ओलान्जापिन 5 मिलीग्राम की 2,745 टैबलेट और टेपेन्टाडोल 100 मिलीग्राम की 300 टैबलेट मिलीं। इनकी कुल संख्या 6,045 थी। निरीक्षण के दौरान उपस्थित पंजीकृत फार्मासिस्ट से उक्त औषधियों के क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेख और आपूर्तिकर्ता का विवरण मांगा गया, लेकिन ये प्रस्तुत नहीं किए गए। विभाग के अनुसार, स्टोर के औषधि अनुज्ञापत्र में टेपेन्टाडोल और उसके सभी फॉर्मुलेशन्स की अनुमति नहीं होने का उल्लेख मिला। इसके अलावा क्रय बिलों के क्रमबद्ध संधारण और शेड्यूल एच-1 औषधियों की बिक्री से संबंधित रजिस्टर में भी अनियमितताएं दर्ज की गईं। गुणवत्ता जांच के लिए प्रीगाबालिन के 300 कैप्सूल, ओलान्जापिन की 300 टैबलेट और टेपेन्टाडोल की 200 टैबलेट के नमूने लिए गए। इसके बाद शेष 2,700 प्रीगाबालिन कैप्सूल, 2,445 ओलान्जापिन टैबलेट और 100 टेपेन्टाडोल टैबलेट, कुल 5,245 इकाइयों को सीलबंद कर जब्त किया गया। विभाग के अनुसार, औषधियों के क्रय स्रोत और आपूर्ति शृंखला की जांच की जाएगी। नमूनों की विश्लेषण रिपोर्ट तथा जांच के निष्कर्षों के आधार पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 और संबंधित नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने आमजन से अपील की है कि चिकित्सकीय पर्चे पर मिलने वाली औषधियों का सेवन केवल पंजीकृत चिकित्सक की सलाह से करें और दवा खरीदते समय बिल अवश्य लें।
