हनुमानगढ़। करवा चौथ के पर्व से एक दिन पहले बुधवार को जंक्शन और टाउन के बाजारों में मिट्टी के करवों की खूब बिक्री हुई। सुहागिनों ने गुरुवार को मनाए जाने वाले करवा चौथ पर्व की पूजा की तैयारियों के लिए करवों की खरीदारी की। बाजारों में करवों की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। इस बार मिट्टी से तैयार पारंपरिक करवों की मांग अच्छी रहने से स्थानीय कारीगरों के चेहरे भी खिले नजर आए। टाउन में पुलिस थाना के सामने करवे बेचने वाले मांगीलाल ने बताया कि करवे तैयार करना उनका पुश्तैनी काम है। वे घर पर ही मिट्टी से करवे तैयार करते हैं और बाद में उन पर रंग-रोगन कर आकर्षक रूप देते हैं। इस बार करवों को लेस आदि लगाकर सुंदर तरीके से सजाया गया है। उन्होंने बताया कि बुधवार को करवों की अच्छी बिक्री हुई और दामों में भी ज्यादा अंतर नहीं आया। मांगीलाल के अनुसार, पहले चीनी निर्मित करवों की बिक्री अधिक होती थी, लेकिन अब लोगों का रुझान मिट्टी से बने करवों की ओर बढ़ रहा है। इस बार पिछले वर्षांे की तुलना में मिट्टी के करवों की मांग अधिक रही है। करवा चौथ पर पूजा में इस्तेमाल होने वाले पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों की खरीदारी से स्थानीय कारीगरों को भी प्रोत्साहन मिल रहा है।

सरकारी सहायता से कारीगरों को मिल रहा सहारा
मांगीलाल ने बताया कि सरकार की ओर से चाक और मिट्टी तैयार करने वाली मशीन जैसी सुविधाओं के माध्यम से कारीगरों को सहायता दी जा रही है। इससे पुश्तैनी काम को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है। करवा चौथ जैसे त्योहारों पर मिट्टी के करवों की अच्छी बिक्री पारंपरिक कारीगरी के महत्व को भी दर्शाती है। गुरुवार को करवा चौथ का पर्व मनाया जाएगा। ऐसे में बुधवार को जंक्शन और टाउन के बाजारों में करवों की खरीदारी से त्योहार की रौनक बढ़ गई।
