हनुमानगढ़। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के बैनर तले शिक्षकों ने गुरुवार को सीबीईओ समग्र शिक्षा रावतसर की ओर से राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय दनियासर एवं धान्धूसर के प्राचार्यां को जारी कारण बताओ नोटिस के विरोध में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर नोटिस निरस्त करने तथा सीबीईओ रावतसर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और निलंबन की सिफारिश करने की मांग की गई। महासंघ जिलाध्यक्ष मनमोहन शर्मा के अनुसार एमडीडी किड्स केयर स्कूल, रावतसर प्रकरण में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय दनियासर एवं धान्धूसर के प्राचार्यांे को मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, रावतसर की ओर से दूरी और व्यावहारिक कठिनाइयों की अनदेखी करते हुए अत्यंत कम समय देकर कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। इस संबंध में महासंघ की ओर से पहले भी ज्ञापन सौंपकर सीबीईओ के अव्यावहारिक रवैये पर रोक लगाने का आग्रह किया गया था। इसके बावजूद 28 अक्टूबर को पुन: स्मरण पत्र जारी कर प्राचार्यांे पर दबाव बनाने का प्रयास किया और सीसीए नियमों के तहत एकतरफा अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई। जिलाध्यक्ष मनमोहन शर्मा के अनुसार संबंधित निजी विद्यालय का संबद्धता प्रमाण पत्र प्राप्त करने का कार्य सीबीईओ रावतसर की प्रशासनिक जिम्मेदारी थी, लेकिन यह कार्य करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित विद्यालयों के प्राचार्यांे पर डाल दिया गया। पूर्व में उठाई गई व्यावहारिक समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय दोबारा स्मरण पत्र जारी करना प्रशासनिक हठधर्मिता को दर्शाता है। इससे शिक्षकों और प्राचार्यांे में रोष तथा मानसिक तनाव की स्थिति है। महासंघ ने विभागीय समन्वय के अभाव और एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी पर भी आपत्ति जताई। महासंघ ने 14 अक्टूबर को जारी मूल कारण बताओ नोटिस और 28 अक्टूबर के स्मरण पत्र को तत्काल निरस्त करने की मांग की। साथ ही सीबीईओ रावतसर के खिलाफ निलंबन एवं विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश सक्षम स्तर अथवा निदेशालय को भेजने का आग्रह किया।
