ऐलनाबाद। हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन शून्यकाल के दौरान इनेलो विधायक दल के नेता आदित्य देवीलाल ने भाजपा सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों को उनकी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने का केवल झूठा दावा कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। आदित्य देवीलाल ने कहा कि किसान जब मंडी में अपनी फसल लेकर जाता है तो उसे प्रताड़ित किया जाता है। फसल की गुणवत्ता खराब बताकर दाम घटा दिए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भावांतर योजना के तहत भी किसानों को उनकी फसलों की भरपाई नहीं की जा रही और सरकार किसानों को गुमराह कर रही है। भाजपा सरकार की “फूट डालो और राज करो” की नीति के तहत आढ़तियों और किसानों को आपस में लड़वाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि सरकार ने पैडी, ज्वार, बाजरा, रागी, मूंग, तुअर, उड़द, मूंगफली, सूरजमुखी, सोयाबीन, सिसमन, कपास, गेहूं और जौ की फसलों पर एमएसपी दिया है तो वह किसी एक मंडी का ब्यौरा सदन में पेश करे।
राज्यपाल अभिभाषण पर भी उठाए सवाल
राज्यपाल के अभिभाषण पर बोलते हुए आदित्य देवीलाल ने कहा कि इसमें जमीनी सच्चाई की जगह केवल बड़ी-बड़ी घोषणाएं की गईं। हरियाणा की जनता जिन असली मुद्दों से जूझ रही है, उन पर गंभीरता और स्पष्टता दोनों का अभाव रहा। उन्होंने कहा कि हरियाणा किसान-प्रधान प्रदेश है और चौधरी देवीलाल व चौधरी ओम प्रकाश चौटाला ने हमेशा किसानों को मजबूत करने का काम किया, लेकिन भाजपा शासन में किसान कर्ज में डूब चुका है और उसे फसल का सही दाम नहीं मिल रहा। आदित्य देवीलाल ने बताया कि वर्ष 2023 से 2025 के बीच बीमा कंपनियों ने किसानों से लगभग 2875 करोड़ रुपये का प्रीमियम वसूला, जबकि खराब फसल का मुआवजा केवल 800 करोड़ रुपये दिया गया। इस तरह बीमा कंपनियों ने करीब 2000 करोड़ रुपये किसानों से हड़प लिए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ किसान यूरिया और डीएपी के लिए लाइनों में खड़ा रहा, वहीं सरकार ने उनकी मदद करने के बजाय 716 करोड़ रुपये बचा लिए। गन्ना किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा की “डबल और ट्रिपल इंजन” सरकारों की पोल इस बात से खुल जाती है कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भाजपा सरकार होने के बावजूद पानीपत के गन्ना किसानों का भुगतान पिछले पांच वर्षों से शुगर मिलों में अटका हुआ है। उन्होंने कृषि यंत्रों पर सब्सिडी, किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं में धन खर्च न होने से राशि के लैप्स होने, टेल क्षेत्र के किसानों तक पानी न पहुंचने और चुनाव से पहले बनाए गए बीपीएल कार्डों को बाद में काटने का मुद्दा भी जोरशोर से उठाया। आदित्य देवीलाल ने कहा कि वोट लेने के बाद सरकार ने 7 लाख से अधिक बीपीएल कार्ड काटकर गरीबों के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने सरकार से किसानों और आम जनता के मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने और जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाने की मांग की।
