– लोकसभा में उठाया मुद्दा, कहा – पर्याप्त भूमि उपलब्ध, उच्च तकनीकी संस्थान से क्षेत्र के विकास को मिलेगी गति
ऐलनाबाद। कांग्रेस नेत्री एवं सांसद कुमारी सैलजा ने लोकसभा में सिरसा और फतेहाबाद जैसे शैक्षणिक रूप से पिछड़े जिलों में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) स्थापित करने की जोरदार मांग उठाई। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़े जिलों को प्राथमिकता देते हुए वहां उच्च तकनीकी शिक्षा संस्थान स्थापित किए जाने चाहिए, ताकि क्षेत्र के युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकें। लोकसभा में पूछे गए अपने प्रश्न में कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार से पूछा कि क्या देश में नए आईआईटी स्थापित करने का कोई प्रस्ताव है। साथ ही उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या सिरसा, फतेहाबाद, हिसार और जींद जैसे शैक्षणिक रूप से पिछड़े जिलों में ऐसे संस्थानों की स्थापना को प्राथमिकता दी जाएगी। सांसद सैलजा ने कहा कि इन जिलों में पर्याप्त मात्रा में भूमि उपलब्ध है, इसलिए यहां आईआईटी स्थापित करना क्षेत्र के विकास और युवाओं को उच्च तकनीकी शिक्षा के बेहतर अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। इस प्रश्न के उत्तर में शिक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने बताया कि वर्तमान में देश में 23 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) स्थापित और संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में पहले से ही राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरुक्षेत्र, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) सोनीपत तथा हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान कार्यरत हैं। राज्य मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि आईआईटी दिल्ली का एक विस्तार परिसर हरियाणा के सोनीपत स्थित राजीव गांधी एजुकेशन सिटी में स्थापित किया गया है, जो उन्नत शोध, नवाचार और उद्योग सहयोग का केंद्र है। कुमारी सैलजा ने सरकार द्वारा इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब न देने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़े जिलों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सिरसा और फतेहाबाद जैसे क्षेत्रों में आईआईटी स्थापित किया जाता है तो इससे पूरे क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च तकनीकी शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे और क्षेत्र के समग्र विकास को भी नई गति मिलेगी।
संवाददाता- रमेश भार्गव
